अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और नारी शक्ति की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने पत्र में कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराध आम बात थी और शाम होते ही बेटियां घर से बाहर निकलने में डर महसूस करती थीं। स्कूल और कॉलेज जाने में भी उन्हें असुरक्षा का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है और बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। यह बदलाव स्पष्ट नीति और साफ नीयत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति और एंटी रोमियो जैसे अभियानों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में डर पैदा किया है।
सीएम योगी ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक सरकार का सहयोग सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मान के साथ संभव हो रहा है। पुष्टाहार योजना के जरिए गर्भवती और धात्री महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि निराश्रित महिलाओं की पेंशन राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दी गई है। सरकार के इन प्रयासों का परिणाम है कि छात्राओं के ड्रॉपआउट रेट में कमी आई है और मातृ व शिशु मृत्युदर में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति आज आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। स्टार्टअप से लेकर उद्यमी क्रेडिट कार्ड तक महिलाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश के सभी विकास खंडों में स्वयं सहायता समूहों का विस्तार हुआ है और लगभग 40 हजार बीसी सखियां आत्मविश्वास के साथ हजारों करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन कर रही हैं। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वास्थ्य सखी और सूर्य सखी जैसी पहलें महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।
अपने संदेश के अंत में सीएम योगी ने कहा कि नारी का सम्मान पूरे समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की बेटियों से कहा कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है और छोटे सपने देखने की भी आवश्यकता नहीं है। सरकार की योजनाएं उनके सपनों को पंख देने का काम कर रही हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।




