मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध का आज तेरहवां दिन है। हर गुजरते दिन के साथ संघर्ष और तेज होता जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार मिसाइल, बम और भारी गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान में यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उनका दावा है कि अमेरिकी हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों और कई अहम टारगेट्स को नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि अब ईरान में लगभग कुछ भी नहीं बचा है और अमेरिका अपने सभी लक्ष्यों को हासिल कर चुका है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए आगे अमेरिका किस रणनीति पर काम करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में दुनिया को नुकसान पहुंचाया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने युद्ध खत्म करने के लिए तीन प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने क्षेत्र में शांति के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई। पेजेशकियन के अनुसार इस युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है—ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में किसी भी तरह की आक्रामकता को रोकने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी सुनिश्चित की जाए।
इधर, इज़रायल ने लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। इज़रायली सेना Israel Defense Forces ने राजधानी Beirut के दक्षिणी इलाके बुर्ज अल-बरजनेह पर हवाई हमला किया। इस हमले के बाद रिहायशी इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कई इमारतों में आग लग गई।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से जारी इज़रायली हमलों में अब तक 600 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 86 बच्चे और 47 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 1,444 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। क्षेत्र में लगातार जारी हमलों के कारण मानवीय स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।




