राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े मामले में आज 19 मार्च 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अहम सुनवाई होगी। इस दौरान गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन और सिटीजनशिप विंग से संबंधित पूरी फाइल कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है।
इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने इसे 30 महीनों के बाद हुई महत्वपूर्ण प्रगति बताया है। इससे पहले 9 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में जस्टिस राजीव सिंह की बेंच ने केंद्र सरकार को नागरिकता से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे और अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा मांगा था।
सूत्रों के अनुसार, आज की सुनवाई में संबंधित दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे जा सकते हैं। यह याचिका भाजपा सदस्य विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई है, जिसमें रायबरेली कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। साथ ही, लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को भी चुनौती दी गई है, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर विभिन्न आपराधिक धाराओं के साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रस्तुत साक्ष्य संज्ञेय अपराध की ओर इशारा करते हैं। पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसल राजकुमार सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता वी.के. सिंह ने पक्ष रखा था। राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा था कि मामले में संज्ञेय अपराध के तत्व मौजूद हैं। फिलहाल, आज की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। कोर्ट में पेश होने वाली फाइल और केंद्र सरकार के जवाब के आधार पर ही इस मामले की आगे की दिशा तय होगी। राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।




