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मौखिक कैंसर: समय पर पहचानें, जान बचाएं, नॉएडा से शांतनु शुक्ला की विशेष रिपोर्ट

नॉएडा : भारत में मौखिक कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर बन चुका है। हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं। अनियंत्रित जीवनशैली, तंबाकू-शराब का सेवन और खानपान में गड़बड़ी इसके मुख्य कारण हैं। 40 साल के बाद इसका खतरा बढ़ जाता है।

कैसे होता है मौखिक कैंसर?

मुंह की कोशिकाओं में अनियंत्रित विकास होने से यह कैंसर शुरू होता है। जीभ, होंठ, गाल, तालु, मसूड़े और गले का भीतरी हिस्सा प्रभावित होता है। ट्यूमर बनने से कैंसर सेल्स तेजी से बढ़ती हैं।

मुख्य कारण:

– धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन

– खानपान में गड़बड़ी और पोषण की कमी

– मुंह की पुरानी बीमारी या चोट

– आनुवंशिक/पारिवारिक इतिहास

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:

– मुंह में लंबे समय से छाले या घाव का न भरना

– मुंह, जबड़े या मसूड़ों में दर्द और सूजन

– खाना निगलने में परेशानी, गले में लगातार खराश

– मुंह से खून आना, दांतों का अचानक गिरना

– आवाज में बदलाव, गर्दन में गांठ या सूजन

– वजन का तेजी से कम होना, मुंह का सूखापन

इलाज और विशेषज्ञ सलाह:

डॉ. (ब्रिग.) अरविंद कुमार त्यागी, यशोदा अस्पताल, संजय नगर के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ बताते हैं, “40+ वर्ष के अनुभव में हजारों मरीजों का इलाज किया है। सही समय पर स्टेज पहचान ली जाए तो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और कीमोथेरेपी से इलाज संभव है। लक्षण दिखते ही तुरंत विशेषज्ञ से मिलें।”

बचाव के 6 असरदार उपाय:

1. तंबाकू-गुटखा का सेवन बिल्कुल बंद करें

2. शराब से दूरी बनाएं

3. हरी-सब्जियां, फल, सलाद और साबुत अनाज लें

4. पैक्ड-प्रोसेस्ड फूड से बचें

5. तेज धूप में ज्यादा देर न रहें

6. हर 6 महीने में डेंटल चेकअप जरूर कराएं

मुंह के कैंसर की शुरुआत में ही पहचान कर इलाज लेने से जान बचाई जा सकती है। कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट से संपर्क करें।डॉ. (ब्रिग.) अरविंद कुमार त्यागी, यशोदा अस्पताल, संजय नगर में उपलब्ध हैं। यह आर्टिकल जागरूकता के लिए है। कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह ही अंतिम मानी जाए।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH