कोलकाता/मध्यमग्राम: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच हिंसा का एक ऐसा तांडव देखने को मिला है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। भाजपा के दिग्गज नेता और संभावित मुख्यमंत्री पद के चेहरे शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी पीए चंद्रनाथ रथ की बदमाशों ने सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस वारदात ने बंगाल की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्लान्ड मर्डर: पहले रेकी की, फिर पॉइंट ब्लैंक रेंज से मारी गोली
घटना उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके की है। चश्मदीदों के मुताबिक, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच, जब चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी एक बाइक सवार हमलावर ने फिल्म अंदाज़ में उनकी कार को ओवरटेक कर रुकवाया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, शूटर ने कार की बाईं ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
हमलावर इतना ‘एक्सपर्ट’ था कि उसने पॉइंट ब्लैंक रेंज से चंद्रनाथ के सीने और पेट को गोलियों से छलनी कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था। इस हमले में उनके ड्राइवर को भी गोली लगी है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
फर्जी नंबर प्लेट और साजिश के सुराग
डीजीपी सिद्धनाथ गुप्त ने इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि हमलावरों ने जिस वाहन का इस्तेमाल किया, उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी। इससे साफ जाहिर होता है कि हत्यारे पूरी तैयारी के साथ आए थे ताकि पकड़े न जा सकें।
अस्पताल पहुंचे शुभेंदु, बोले- ‘यह प्री-प्लान्ड मर्डर है’
वारदात की खबर मिलते ही शुभेंदु अधिकारी अपने समर्थकों और पार्टी के बड़े नेताओं के साथ मध्यमग्राम अस्पताल पहुंचे। वहां सुकांत मजूमदार और अर्जुन सिंह जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में शुभेंदु ने सीधे तौर पर इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, “यह एक पूर्व नियोजित हत्या है। पिछले 2-3 दिनों से चंद्रनाथ की रेकी की जा रही थी। पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं और डीजीपी ने भी माना है कि यह प्लानिंग के तहत किया गया है। हमारे दिल्ली के नेतृत्व ने भी इस पर चिंता जताई है।”
इलाके में भारी तनाव, जांच में जुटी टीमें
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। जगह-जगह भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन से बात कर दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
बड़ा सवाल: आखिर बंगाल में चुनाव परिणामों के बीच इस हाई-प्रोफाइल मर्डर का मास्टरमाइंड कौन है? क्या यह सिर्फ एक आपराधिक वारदात है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक रंजिश छिपी है?




