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झारखंड में रोजगार पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा बयान, बोले- 4 महीनों में 9 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली नौकरी

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जहां देश के कई हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण नियुक्तियां प्रभावित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है, जबकि बीते दो वर्षों में 16 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने से न कतराएं शिक्षक

हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 2024 में सरकार बनने के बाद से मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण इलाकों में जाने से बचते हैं, लेकिन ऐसी सोच के साथ राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएं, तभी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी योजनाएं इसी उद्देश्य से शुरू की गई हैं ताकि शिक्षा व्यवस्था पर लगे पुराने दाग मिटाए जा सकें और बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सके।

सरकार का प्रतिनिधि बनकर गांव-गांव पहुंचें शिक्षक

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के भविष्य को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। खासकर महिलाओं और बच्चों को बदलते समय के अनुसार आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होगी।

मंईयां सम्मान योजना पर भी बोले मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन ने कहा कि महिलाओं को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ लोग गलत तरीके से योजना का लाभ ले सकते हैं, लेकिन ऐसे मामलों की वजह से जरूरतमंद 90 प्रतिशत लोगों को योजना से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस योजना का लाभ लेने वाली कई बेटियां आज कलेक्टर जैसे बड़े पदों तक पहुंच रही हैं।

कुपोषण और शिक्षा सुधार पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि उन्हें ऐसे क्षेत्रों में काम करना होगा जहां बच्चों की परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं और उन्हें सही दिशा देकर भविष्य संवारने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। उन्होंने राज्य में कुपोषण जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनौतियों से झारखंड को मुक्त कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH