सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम का एक अनोखा डिजिटल आंदोलन तेजी से चर्चा में है। महज कुछ दिनों में इस इंस्टाग्राम अकाउंट ने 11 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। व्यंग्य, मीम्स और राजनीतिक कटाक्ष के जरिए शुरू हुआ यह अभियान अब युवाओं के गुस्से और निराशा की नई अभिव्यक्ति बनता दिख रहा है।
CJI सूर्यकांत के बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 15 मई 2026 को शुरू हुआ, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ लोगों को ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट्स’ जैसे शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने कहा था कि बिना योग्यता वाले लोग मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सिस्टम पर हमला कर रहे हैं। हालांकि बाद में CJI ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री और गलत तरीकों से सिस्टम में घुसने वाले लोगों के लिए था। लेकिन तब तक यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी और बेरोजगारी व शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज युवा वर्ग ने इसे अपने अपमान से जोड़ लिया।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
इस डिजिटल अभियान के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके का नाम सामने आया है। उन्होंने Boston University से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की है। CJI के बयान के अगले ही दिन दीपके ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए युवाओं से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ में जुड़ने की अपील की। इसके लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी किया गया, जिसमें बेरोजगार, “क्रॉनिकली ऑनलाइन” और “आलसी” जैसे मजाकिया विकल्प रखे गए। बताया जाता है कि अभिजीत पहले Aam Aadmi Party के सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन से जुड़े रहे हैं। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान वे मीम-आधारित प्रचार रणनीति का हिस्सा थे। हालांकि बाद में उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली और विदेश चले गए। दीपके का कहना है कि यह कोई योजनाबद्ध राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं की लंबे समय से दबाई गई निराशा का विस्फोट है।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा प्रभाव
करीब 55 पोस्ट वाले इस अकाउंट ने रिकॉर्ड समय में इंस्टाग्राम पर 11 मिलियन फॉलोअर्स हासिल कर लिए हैं। वहीं पार्टी की वेबसाइट पर 2 लाख से ज्यादा युवाओं ने सदस्यता फॉर्म भरा है। CJP ने एक व्यंग्यात्मक लेकिन गंभीर 5 सूत्रीय मेनिफेस्टो भी जारी किया है। इसमें रिटायर्ड CJI को राज्यसभा न भेजने, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने, वोट कटवा राजनीति पर सख्ती और हिंदू-मुस्लिम मुद्दों से आगे बढ़कर AI, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और रोजगार जैसे भविष्य के विषयों पर फोकस करने की मांग की गई है। इसके अलावा NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को भी अभियान का बड़ा मुद्दा बनाया गया है।
क्या 2029 चुनाव लड़ेगी CJP?
फिलहाल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ खुद को केवल एक डिजिटल आंदोलन बता रही है। अभिजीत दीपके के अनुसार, चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। पहले पार्टी से जुड़े युवाओं से बातचीत की जाएगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। हालांकि यह साफ है कि CJP ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। यह आंदोलन दिखाता है कि आज का युवा वर्ग व्यंग्य, मीम्स और डिजिटल अभियानों के जरिए बेरोजगारी, शिक्षा और भविष्य को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।




