
(न्यूज़ जर्नलिस्ट अंकित कुमार गोयल)
हर किसी का सपना होता है जीवन मै कुछ बड़ा करने का, कुछ पाने का, अपने पंखो को उम्मीद देने का लेकिन कुछ ही ऐसे लोग होते हैं जिनका सपना पूरा हो पाता है आज हम बात करेंगे एक ऐसी ही सख्शियत जिसने भी कभी सपना देखा था उसमे जज़्बा था, जूनून था कुछ बड़ा करने का होंसला था उड़ जाने का
फिल्मों मेँ एक्टिंग करना चाहते थे मुंबई की ट्रैन भी पकड़ी वहाँ भी कुछ दिन रहे, लेकिन सिक्का चला नहीं वापस लोट आये लेकिन आज कपड़े उद्योग के हैं बड़े बिज़नेस टाइकॉन अजमेरा फैशन के संस्थापाक और सीईओ अजय आज किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है कपड़ा उद्योग मेँ हर बड़े पुरुस्कार से उन्हें नवाज़ा जा चुका है अजय अजमेरा से अंकित गोयल की विशेष बातचीत
करियर की शुरुआत की यात्रा के बारे में बताएं और परिवार का कितना सहयोग मिला?
मेरा करियर बहुत abruptly शुरू हुआ। दरअसल मैं 11वीं तक ही पढ़ा हूँ। कुछ कारणों से आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। मैं सीकर का रहने वाला हूँ। माँ-बाप ने सूरत भेज दिया, क्योंकि वहाँ मेरे भैया भी थे और कुछ करना था। लेकिन उससे पहले एक शौक था – फिल्मों में जाने का। सोचा सूरत से मुंबई पास है, तो आसानी से जा सकूँगा। पर मुंबई में मेरी दाल नहीं गली। वापस सूरत लौटा और बहुत छोटे स्तर से शुरुआत की – कपड़ा बाज़ार में एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में ₹1200 की नौकरी। मैं आज भी उस नौकरी का शुक्रगुज़ार हूँ, क्योंकि वहीं से मेरी नींव पड़ी और बहुत कुछ सीखा जो आगे लाइफ में काम आया। जहाँ तक परिवार के सपोर्ट की बात है – मैं घर में सबसे छोटा हूँ और हमेशा से सबका लाडला रहा हूँ। माता-पिता ने हमेशा प्रेम दिया, कभी किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की। भाई, बहन, माता-पिता – सबका बहुत बड़ा सपोर्ट रहा। इस मामले में मैं ईश्वर का ऋणी हूँ कि उन्होंने मुझे इतना अच्छा परिवार दिया।
एक सफल बिज़नेसमैन में क्या गुण होने चाहिए, किन बातों से बचना चाहिए?
यूँ तो बहुत सी skills ज़रूरी हैं, पर मेरी समझ से 3 P’s सबसे important हैं — Patience, Planning, Persistence.
Patience इसलिए, क्योंकि कोई भी बिज़नेस एक दिन में खड़ा नहीं होता। धीरे-धीरे चीज़ें build up होती हैं। Planning इसलिए, क्योंकि बहुत से लोगों के अंदर entrepreneurial zeal तो होती है, पर वो planning नहीं करते – haphazardly काम करते हैं। और जब input haphazard होगा, तो output भी वैसा ही मिलेगा। तीसरा है Persistence – यानी हार न मानना। यही गुण कठिन समय में आपको टिकाए रखता है। जहाँ तक बचने की बात है, मैं 3 D’s का नाम दूँगा — Delay, Distraction, Dishonesty.
Delay यानी टालमटोल – यहाँ तेज़ चलने वाले बहुत हैं, टालिए मत। Distraction यानी एक काम शुरू किया, फिर लगा कहीं और ज़्यादा पैसा है, वो शुरू कर दिया। Focus बहुत ज़रूरी है – पहले एक काम complete कीजिए, फिर दूसरा सोचिए। और तीसरा है Dishonesty – मेरी समझ से बिज़नेस का मतलब ही है “पहले ईमानदारी, फिर दुकानदारी।” यह बात हमने Ajmera Fashion में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखकर लगा भी रखी है।
आने वाले समय में भारतीय कपड़ा उद्योग में क्या चुनौतियाँ होंगी, और कैसे जीत सकते हैं?
भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां Global Competition (जैसे वियतनाम और बांग्लादेश से), सख्त Sustainability और ESG नियम, पुरानी मशीनें, और कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं। इन दिक्कतों को दूर करने के लिए इंडस्ट्री को नई और मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनानी होगी, Waterless Dyeing और रीसाइक्लिंग जैसी ग्रीन टेक का इस्तेमाल करना होगा, और PM MITRA व PLI जैसी सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा उठाना होगा। इसके अलावा, सिर्फ नॉर्मल कपड़ों के भरोसे न रहकर Technical Textiles (जैसे मेडिकल और ऑटोमोटिव फैब्रिक) पर फोकस बढ़ाना होगा और वर्कर की स्किलिंग सुधारनी होगी ताकि ग्लोबल मार्केट में टिका जा सके।
एक ब्रोकर से शुरुआत करके आज इतने बड़े बिज़नेस टाइकॉन बनने के पीछे क्या कहानी है?
सच पूछिए तो ये सब ईश्वर की कृपा है। मैंने इस इंडस्ट्री में हमेशा एक ही बात पर focus किया – ग्राहकों की समस्या का समाधान करना। बाकी सब अपने आप होता गया। अपनी नौकरी के दौरान सबसे बड़ी समस्या जो मैंने महसूस की वो थी – सूरत में manufacturer सिर्फ wholesalers और बड़े dealers को माल देते थे। छोटा retailer जो 25-50 हज़ार से बिज़नेस शुरू करना चाहता था, उसके लिए कोई option नहीं था। बस यहीं से Ajmera Fashion की सोच पैदा हुई। 2011 में हमने पहली बार सीधे retailers को wholesale price पर माल देना शुरू किया। यह कदम पूरी इंडस्ट्री के लिए game-changer साबित हुआ। आज 1.5 लाख+ व्यापारी और 10,000+ महिलाएँ हमसे जुड़कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं – यही मेरी सबसे बड़ी सफलता है। बाकी टाइकॉन-वायकॉन जैसा कुछ भी नहीं।
किसी भी बिज़नेस में सफल होने के लिए डिजिटल मीडिया कितना उपयोगी है और क्यों?
अच्छा हुआ कि आपने यह सवाल पूछा। डिजिटल मीडिया वास्तव में बहुत important है। 2011 में हमने Ajmera Fashion की शुरुआत की और 2012 में मैं YouTube channel बना चुका था – उस समय पूरे सूरत के कपड़ा बाज़ार में hardly 5% लोग होंगे जिन्होंने शायद YouTube का नाम भी सुना हो। मैंने सोशल मीडिया का भरपूर use किया है, और इसी का नतीजा है कि Ajmera Fashion का YouTube channel पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री में किसी भी manufacturer का सबसे बड़ा channel है। मैं हमेशा अपने ग्राहकों से, wholesaler और retailer भाइयों से कहता हूँ – सोशल मीडिया का जमकर use करें। चाहे WhatsApp हो, Facebook हो, या Instagram – उस पर active रहना और अपनी खूबी दुनिया के सामने दिखाने का इससे अच्छा और सस्ता माध्यम कोई नहीं है। आज Google Business page से लोग करोड़ों कमा रहे हैं। इन चीज़ों को ignore करके आप बिज़नेस में आगे नहीं जा सकते। समय के साथ चलना चाहिए, और समय की यही demand है कि आप डिजिटल मीडिया का पूरा प्रयोग करें।

परिवार और बिज़नेस में कैसे सामंजस्य स्थापित करें?
परिवार और बिज़नेस में balance बनाने का सबसे बड़ा मंत्र है — काम के समय 100% बिज़नेस, और परिवार के समय 100% परिवार।
हालांकि यह कहना आसान है, करना मुश्किल। पर मैंने समय के साथ एक बात सीखी है – अगर आप अपने काम को ऐसा बना दें कि वो आप पर depend ही न रहे, तो personal life के लिए भी अच्छा समय मिल जाता है। इसीलिए मैं delegation और process setting में बहुत यकीन रखता हूँ। आज Ajmera Fashion अजय अजमेरा पर निर्भर नहीं है… मैं रहूँ ना रहूँ, काम होता है। और इसी वजह से मैं अपने बच्चों और परिवार को quality time दे पाता हूँ।
अच्छी सेल के लिए ग्राहक बनना कितना ज़रूरी है, अच्छे ग्राहक में क्या गुण होने चाहिए?
मैं आपको इसका एक practical example देता हूँ। आज Ajmera Trends की 250+ branches open हो चुकी हैं – वो एक retail store है। जबकि retail stores का हमारा zero अनुभव था। हम तो manufacturing line में हैं, हमें idea ही नहीं था कि end customer से कैसे deal करते हैं। और आज Ajmera Trends इतना successful है – तो इसका कारण क्या है? कारण यह है कि हमने खुद पहले ग्राहक बनकर देखा। हमने Lucknow में एक retail store खोला और उसे 3 साल खुद run किया। एक-एक बारीकी समझी – कैसे एक retailer ग्राहक से deal करता है, क्या challenges face करता है, क्या उसको चाहिए होता है। सब कुछ जानने के बाद हमने अपने models बनाए। इसीलिए आज Ajmera Trends इतना successful है। Little Wings की इतनी डिमांड है। तो कहने का मतलब यह है कि आपको ग्राहक की जगह खुद को रखकर देखना ही पड़ता है। अंग्रेज़ी में एक कहावत भी है — “Put yourself in the shoes of the customer। जहाँ तक अच्छे ग्राहक के गुणों की बात है – मुझे लगता है हर ग्राहक में ही गुण होता है। ग्राहक तो हमेशा से ही King है, God है। उसको आप किसी quality के तराज़ू में नहीं तौल सकते। हर ग्राहक अच्छा है, वो चाहे जैसा भी हो।

आज के युवाओं और महिलाओं को क्या टिप्स देंगे जो जॉब नहीं, अपना ख़ुद का काम शुरू करना चाहते हैं?
पहले तो मैं उन्हें बधाई देना चाहूँगा कि वो ऐसी सोच रखते हैं। जहाँ पूरी दुनिया job के पीछे भाग रही है, वहाँ वो बिज़नेस करने की सोचते हैं – यह अपने आप में तारीफ की बात है। दूसरा, मैं कहना चाहूँगा कि कोई भी बिज़नेस समय माँगता है, धैर्य माँगता है। आपको उसमें focus होकर पूरी dedication के साथ काम करना होता है। मैं हमेशा कहता हूँ “कोई भी बिज़नेस हो, अगर आपने पूरी शिद्दत के साथ उसमें 999 दिन दे दिए, तो हज़ारवाँ दिन आपका होने से कोई नहीं रोक सकता। बस लगातार लगे रहिए, सफलता जरूर मिलेगी।








