लखनऊ। हिंदी न्यूज मीडिया में इस समय तेजी से बदलाव हो रहा है. दर्शक अब सिर्फ टीवी पर खबर नहीं देखता. वह मोबाइल पर वीडियो देखता है, सोशल मीडिया पर अपडेट पढ़ता है, वेबसाइट पर पूरी खबर देखता है और यूट्यूब पर वीडियो भी खोजता है. इसी बदलते दौर में आज की खबर अपनी मौजूदगी को लगातार मजबूत कर रहा है. टीवी से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, वेबसाइट और सैटेलाइट विस्तार तक, चैनल अब एक बड़े मल्टी प्लेटफॉर्म न्यूज नेटवर्क के रूप में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है.
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आज की खबर का सोशल मीडिया बेस अब 3.6 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स तक पहुंच चुका है. फेसबुक पर चैनल के 1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. इंस्टाग्राम पर 1.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं. वहीं यूट्यूब पर 1.13 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के साथ चैनल ने वीडियो प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है.
डिजिटल प्रदर्शन की बात करें तो यहां भी आज की खबर की रफ्तार साफ दिखती है. लंबे समय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चैनल ने 1.8 अरब से ज्यादा डिजिटल रीच और इंप्रेशन दर्ज किए हैं. इसके साथ ही 285 मिलियन से ज्यादा कंटेंट इंटरेक्शन भी आज की खबर की डिजिटल पकड़ को मजबूत बनाते हैं. मई 2026 के आंकड़े भी चैनल की बढ़ती पहुंच की तस्वीर दिखाते हैं. फेसबुक पर आज की खबर को करीब 4.1 मिलियन व्यूज़ और 2.21 मिलियन व्यूअर्स मिले. इंस्टाग्राम पर इसी दौरान करीब 20.1 मिलियन व्यूज़ और 5 मिलियन रीच दर्ज हुई. यूट्यूब पर मई महीने में 1.09 मिलियन से ज्यादा व्यूज़ मिले और सब्सक्राइबर्स में भी बढ़त दर्ज की गई.
वेबसाइट के मोर्चे पर भी आज की खबर की मौजूदगी मजबूत दिखती है. मई 2026 में AajKiKhabar.com, LiveUttarPradesh.com और LiveUttarakhand.com को मिलाकर करीब 1.77 मिलियन से ज्यादा मंथली वेबसाइट एक्टिव यूज़र्स और 3.9 मिलियन से ज्यादा पेज व्यूज़ दर्ज किए गए. तीनों वेबसाइटें मिलकर आज की खबर को एक मजबूत डिजिटल न्यूज नेटवर्क के रूप में स्थापित कर रही हैं. अब बात सिर्फ आंकड़ों की नहीं है. बात उस रफ्तार की है, जिसके साथ आज की खबर अपने कंटेंट को अलग अलग प्लेटफॉर्म पर ले जा रहा है. चैनल पर शेखर वार्ता, आज की मुलाकात, पंचम तल, प्रॉफिट पाठशाला, फॉरेंसिक फाइल्स, गुनाह, प्रगति पथ, मिट्टी के महानायक, बॉली हब, विधि का विधान, राम कथा और गीता रसमृतम जैसे कई कार्यक्रम मौजूद हैं.
इन कार्यक्रमों के जरिए चैनल राजनीति, शासन प्रशासन, अपराध, वित्त, मनोरंजन, अध्यात्म, ग्रामीण भारत और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को अलग अलग रूपों में दर्शकों के सामने रख रहा है. आज की खबर की रणनीति अब सिर्फ टीवी प्रसारण तक सीमित नहीं है. चैनल अपनी खबरों और कार्यक्रमों को डिजिटल क्लिप्स, रील्स, शॉर्ट वीडियोज, वेबसाइट स्टोरीज और यूट्यूब वीडियोज के रूप में भी आगे बढ़ा रहा है. यही आज के मीडिया की जरूरत भी है. क्योंकि दर्शक अब एक ही जगह नहीं बैठा है. वह टीवी पर भी है, मोबाइल पर भी है, सोशल मीडिया पर भी है, वेबसाइट पर भी है और वीडियो प्लेटफॉर्म पर भी है.
चैनल की खबरों का असर भी कई मौकों पर देखने को मिला है. जनहित, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और शासन प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर आज की खबर की रिपोर्टिंग के बाद सार्वजनिक चर्चा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है. इसी तरह चैनल अपने अलग अलग कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रभावी पत्रकारिता की दिशा में भी काम कर रहा है. आज की खबर नेतृत्व स्तर पर भी अपनी मीडिया स्थिति मजबूत कर रहा है. लिंक्डइन और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर मीडिया में भरोसा, डिजिटल बदलाव, क्षेत्रीय पत्रकारिता, सत्यापन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सार्वजनिक जवाबदेही जैसे विषयों पर विचार आधारित सामग्री के जरिए संस्थान अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है.
सैटेलाइट और ओटीटी डिस्ट्रीब्यूशन की दिशा में भी चैनल अपनी पहुंच बढ़ाने पर काम कर रहा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आज की खबर 20 से ज्यादा डीटीएच और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. आज के समय में किसी भी न्यूज ब्रांड की ताकत सिर्फ टीवी प्रसारण से तय नहीं होती. डिजिटल रीच, सोशल मीडिया बेस, वेबसाइट ट्रैफिक, वीडियो कंटेंट, दर्शकों का भरोसा और अलग अलग प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी भी उतनी ही अहम हो गई है. इन सभी मोर्चों पर आज की खबर अपनी रफ्तार बढ़ाता दिखाई दे रहा है.
3.6 मिलियन से ज्यादा सोशल मीडिया बेस, 1.8 अरब से ज्यादा डिजिटल रीच, 285 मिलियन से ज्यादा कंटेंट इंटरेक्शन, 1.77 मिलियन से ज्यादा मंथली वेबसाइट एक्टिव यूज़र्स और 3.9 मिलियन से ज्यादा पेज व्यूज़ जैसे आंकड़े बताते हैं कि आज की खबर हिंदी न्यूज मीडिया में अपनी मौजूदगी को तेजी से विस्तार दे रहा है. कुल मिलाकर, आज की खबर अब सिर्फ टीवी चैनल की तरह नहीं, बल्कि एक तेजी से बढ़ते मल्टी प्लेटफॉर्म न्यूज नेटवर्क की तरह अपनी पहचान बना रहा है. टीवी से डिजिटल और डिजिटल से सैटेलाइट तक, आज की खबर की रफ्तार अब साफ दिखाई देने लगी है.




