लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने लगातार तीसरे दिन समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट का दावा दोहराया है। राजभर ने कहा कि सपा में बगावत तय है और इसका नेतृत्व बलिया का एक ब्राह्मण नेता करेगा। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजभर ने लिखा कि सपा में बागियों का नेतृत्व “बागी बलिया” की धरती से होगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और जल्द ही इसका असर दिखाई देगा।
राजभर ने मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा को लेकर भी दावा किया कि वह पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि बाद में यह कहा जा सकता है कि उन्हें सूचना नहीं दी गई या कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिली। हालांकि, इस संबंध में रुचि वीरा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सुभासपा प्रमुख ने सपा महासचिव रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने उनके और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। राजभर ने कहा कि ऐसे बयानों को बहुजन समाज ने देखा और सुना है। इसके साथ ही राजभर ने एक बार फिर बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे की ओर संकेत करते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर वैचारिक मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सपा के नेतृत्व को लेकर नए समीकरण बन सकते हैं।
वहीं, सपा सांसद सनातन पांडे ने ओम प्रकाश राजभर के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी निष्ठा समाजवादी विचारधारा और पार्टी नेतृत्व के प्रति अटूट है। पांडे ने स्पष्ट किया कि वह जीवनभर समाजवादी पार्टी के साथ रहेंगे, चाहे उन्हें कोई पद मिले या न मिले।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को मजबूत बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और जरूरत पड़ने पर वह पार्टी कार्यालय में एक सामान्य कार्यकर्ता या चौकीदार की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार हैं। सपा सांसद ने कहा कि पार्टी में टूट की बातें केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं और उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।




