SportsTop News

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 11 गेंदों में ठोका सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक, 20 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

इंडिया ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने क्रिकेट इतिहास के रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज करा दिया। श्रीलंका ए के खिलाफ दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में 15 वर्षीय बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया।

रंगीरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाते हुए इस फैसले को गलत साबित कर दिया। पारी की पहली ही गेंद पर चौका जड़ने के बाद उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार हमला बोला और मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी।

वैभव ने अपनी पारी का पांचवां छक्का लगाकर सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने करीब 20 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि ट्राई सीरीज में वैभव का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। हाल ही में श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ उनकी तीखी बहस भी चर्चा में रही थी। ऐसे में फाइनल मुकाबले में सभी की निगाहें उन पर टिकी थीं और उन्होंने अपने बल्ले से आलोचनाओं का करारा जवाब दिया।

तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए वैभव शतक के करीब पहुंच गए थे, लेकिन वह अपने शतक से मात्र 6 रन दूर रह गए। उन्होंने 29 गेंदों में 10 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसने इंडिया ए को शानदार शुरुआत दिलाई और मैच का रुख बदल दिया।

लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज

  • 11 गेंद – वैभव सूर्यवंशी (इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए, 2026)
  • 12 गेंद – कौशल्या वीररत्ने (रागामा क्रिकेट क्लब, 2005/06)
  • 13 गेंद – थिसारा परेरा (श्रीलंका आर्मी स्पोर्ट्स क्लब, 2020/21)
  • 14 गेंद – रोरी क्लेनवेल्ट (वेस्टर्न प्रोविंस, 2010/11)

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। कम उम्र में बड़े मंच पर दिखाई गई उनकी निडर बल्लेबाजी ने उन्हें भविष्य के सितारों की सूची में मजबूती से खड़ा कर दिया है।

 

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH