उत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और कई राज्यों में इसका रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रातभर हुई बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित देश के 16 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर:
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में अगले दो से तीन दिनों तक हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने पूरे क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश:
राज्य के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, आगरा समेत कई जिलों में 25 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
बिहार:
पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर सहित लगभग पूरे राज्य में 26 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। कई जिलों में वज्रपात और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
उत्तराखंड:
देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार समेत सभी 13 जिलों में 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है।
हिमाचल प्रदेश:
शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा सहित अधिकांश जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। 21 और 22 जुलाई के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
राजस्थान:
जयपुर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर समेत पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर:
श्रीनगर और जम्मू सहित कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
IMD की अपील:
मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों के लोगों से सतर्क रहने, निचले इलाकों में जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।




