कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में पोस्टर लहराए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टरों और लगाए गए नारों से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को फ्रीडम पार्क में कर्नाटक विद्यार्थी संगठन (KVS) की ओर से NEET पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में करीब 1,000 से 1,500 लोग शामिल हुए।
पुलिस की शिकायत के अनुसार, शाम करीब 5 बजे से 5:30 बजे के बीच एक युवती ने उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में लिखे पोस्टर प्रदर्शित किए और नारे लगाए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पोस्टरों पर पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लिखे गए थे।
पुलिस के मुताबिक, जब सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे तो कुछ लोगों ने पोस्टर छिपा दिए, जिसके कारण उन्हें तत्काल जब्त नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो की जांच की, जिसके आधार पर पोस्टर दिखाने वाली महिला की पहचान कर ली गई।
सब-इंस्पेक्टर सुलोचना की शिकायत पर उप्पारपेट पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने से संबंधित है, चाहे दंगा हुआ हो या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और संबंधित महिला के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




