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यूपी में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, कैबिनेट में संशोधन प्रस्ताव, अब केवल आलिम तक होगी पढ़ाई

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में बड़ा संशोधन करने की तैयारी में है। इस संबंध में प्रस्ताव मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, संशोधन लागू होने के बाद मदरसों में केवल आलिम (इंटरमीडिएट समकक्ष) स्तर तक की शिक्षा मान्य होगी, जबकि कामिल (स्नातक समकक्ष) और फाजिल (स्नातकोत्तर समकक्ष) पाठ्यक्रम एवं डिग्रियां पूरी तरह समाप्त कर दी जाएंगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप कदम

राज्य सरकार यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 के फैसले के अनुपालन में कर रही है। शीर्ष अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि कोई भी शिक्षा बोर्ड इंटरमीडिएट (12वीं) से आगे की डिग्री प्रदान नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी कहा था कि मदरसा बोर्ड द्वारा दी जाने वाली कामिल और फाजिल डिग्रियों को वैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं है।

कानून में होगा औपचारिक बदलाव

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मदरसों में कामिल और फाजिल स्तर की पढ़ाई और डिग्री पहले ही बंद की जा चुकी है। अब सरकार मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन कर इस व्यवस्था को कानूनी रूप देने जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संशोधित प्रावधान लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अब तक क्या व्यवस्था थी?

उत्तर प्रदेश के मदरसों में अब तक मौलवी (हाईस्कूल समकक्ष), आलिम (इंटरमीडिएट समकक्ष), कामिल (स्नातक समकक्ष) और फाजिल (स्नातकोत्तर समकक्ष) स्तर के पाठ्यक्रम संचालित होते थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कामिल और फाजिल स्तर की पढ़ाई बंद कर दी गई थी।

उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों का विकल्प

प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद मदरसा शिक्षा परिषद के तहत केवल आलिम (12वीं समकक्ष) तक की शिक्षा ही संचालित होगी। इसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को विश्वविद्यालयों या अन्य मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेना होगा। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य मदरसा शिक्षा व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुरूप बनाना है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH