City NewsTop NewsUttar Pradeshलखनऊ

निगोहां में FCI के 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अत्याधुनिक साइलो का उद्घाटन, खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था होगी मजबूत

लखनऊ: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अत्याधुनिक साइलो भंडारण संयंत्र का लखनऊ के निगोहां में उद्घाटन किया गया। 8 अगस्त 2026 को आयोजित कार्यक्रम में FCI के कार्यकारी निदेशक (उत्तर) श्री के. वेंकट नागि रेड्डी, IDES ने संयंत्र का उद्घाटन किया। इस दौरान कैसरगंज से सांसद श्री करण भूषण सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में FCI उत्तर प्रदेश क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री प्रशांत शर्मा, IAS, उप महाप्रबंधक श्री प्रदीप कुमार बेहुरा, मंडल प्रबंधक, मंडल कार्यालय लखनऊ श्री नितिन वर्मा तथा सहायक महाप्रबंधक (गुण नियंत्रण) श्री गिरीश बकाडे समेत निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने साइलो का किया निरीक्षण

उद्घाटन के बाद श्री के. वेंकट नागि रेड्डी ने साइलो संयंत्र का विधिवत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से संयंत्र की आधुनिक सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को साइलो में उपलब्ध आधुनिक भंडारण सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्यान्न के सुचारु परिचालन के लिए आवश्यक सुविधाओं को समय-समय पर उन्नत करने पर भी जोर दिया।

50 हजार मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण की क्षमता

निगोहां स्थित इस अत्याधुनिक साइलो की भंडारण क्षमता 50,000 मीट्रिक टन है। इसमें गेहूं का वैज्ञानिक और दीर्घावधि भंडारण किया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक से लैस इस व्यवस्था से खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित भंडारण में मदद मिलेगी। साइलो के संचालन से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में खाद्यान्न के भंडारण और परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है। इससे लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी और भविष्य में खाद्यान्न की खरीद एवं वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

FCI की ओर से अत्याधुनिक साइलो व्यवस्था को सुरक्षित, वैज्ञानिक और आधुनिक खाद्यान्न भंडारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगोहां साइलो के संचालन से खाद्यान्न के बेहतर प्रबंधन के साथ देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना आधुनिक भंडारण तकनीक के इस्तेमाल के साथ खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला को अधिक कुशल बनाने और भविष्य की भंडारण जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH