नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले केवल दो दिन का समय बचा है, लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा जारी
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर दोनों सदनों में लगातार नारेबाजी और हंगामा देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच प्रभावित हुई।
संसद भवन के बाहर भी आमने-सामने प्रदर्शन
सदन के भीतर हंगामे के साथ-साथ संसद भवन परिसर के बाहर भी सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक प्रदर्शन जारी है। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर जवाब देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। वहीं, बीजेपी सांसदों ने झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
कल भी बनी थी टकराव की स्थिति
एक दिन पहले भी विपक्ष और NDA के सांसदों ने लगभग एक ही समय संसद परिसर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे और टकराव जैसी स्थिति बन गई थी। हालांकि, आज अभी तक दोनों पक्षों के बीच सीधे टकराव की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन राजनीतिक गतिरोध बरकरार है। दोनों ही पक्ष अपने-अपने मुद्दों पर पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
आखिरी दो दिन में गतिरोध खत्म होने की चुनौती
मानसून सत्र के समाप्त होने में अब महज दो दिन बाकी हैं। ऐसे में सरकार के सामने लंबित विधायी कामकाज को पूरा करने की चुनौती है, जबकि विपक्ष अपने मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग पर अड़ा हुआ है। सत्र के अंतिम दो दिनों में क्या दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या संसद का आखिरी चरण भी हंगामे की भेंट चढ़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



