पटना: बिहार में 70वीं BPSC परीक्षा के माध्यम से चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों का एहसास कराते हुए कहा कि सरकारी नौकरी केवल पद और अधिकार का नाम नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जिस फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे, उसका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। किसी का फैसला किसी परिवार को राहत, किसी युवा को अवसर और किसी गांव को विकास की दिशा दे सकता है। इसलिए हर निर्णय कानून, जनहित और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
सम्राट चौधरी ने कहा कि 70वीं BPSC के जरिए बड़ी संख्या में अधिकारियों का चयन हुआ है। अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बजाय फैसलों के वास्तविक प्रभाव पर भी ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासनिक सेवा में कई तरह के दबाव आएंगे, लेकिन अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में नियम, कानून और निष्पक्षता से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन ही जनता का विश्वास मजबूत करता है।
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से पद का अहंकार छोड़कर जनता का सेवक बनकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर तक विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ईमानदार और जिम्मेदार प्रशासन से ही बिहार के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से सरकारी सेवा को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का अवसर मानने का आग्रह किया।




