जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के एक प्रोफेसर के खिलाफ 10 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रोफेसर के खिलाफ शिकायतें करीब एक महीने पहले सामने आई थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपों के घेरे में आए प्रोफेसर विश्वविद्यालय परिसर में ही रहते हैं। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रोफेसर ने अपने आवास पर आयोजित बैठकों में बुलाया, जहां कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और आपत्तिजनक प्रस्ताव किए गए। कुछ शिकायतों में कक्षा के दौरान कथित तौर पर अशोभनीय टिप्पणियां किए जाने की बात भी कही गई है।
शिकायत सामने आने के बाद सीनियर छात्राएं भी आईं आगे
अधिकारियों के मुताबिक, प्रोफेसर के खिलाफ एक नई शिकायत सामने आने के बाद कुछ वरिष्ठ छात्राओं ने भी सामने आकर अपने अनुभव साझा किए और इसी तरह के आरोप लगाए। इसके बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। ICC फिलहाल सामने आई शिकायतों की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ और छात्राओं की ओर से शिकायतें सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
ICC ने जांच का हवाला देकर टिप्पणी से किया इनकार
मामले की जांच कर रही JNU की आंतरिक शिकायत समिति ने फिलहाल इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। समिति की ओर से इसे आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। वहीं, JNU की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने कहा कि यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई ICC के स्तर पर होती है और कुलपति इस समिति की सदस्य नहीं होती हैं।
दूसरी ओर, आरोपों से घिरे प्रोफेसर ने इन शिकायतों की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह ICC के सामने पेश हुए हैं या अपना पक्ष दर्ज कराया है, प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें किसी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है।




