नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनकी भारत यात्रा को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चीनी सुरक्षा अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं। शी जिनपिंग की सुरक्षा में NSG, SPG, दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, SWAT कमांडो और अर्धसैनिक बलों की टीमें तैनात हैं। जिस होटल में चीनी राष्ट्रपति के ठहरने की व्यवस्था है, उसके आसपास भी सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया गया है।
जिनपिंग के पहुंचने से पहले ही एक्टिव हो जाता है सुरक्षा तंत्र
शी जिनपिंग की सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उनके पहुंचने का इंतजार करने के बजाय सुरक्षा तैयारियां काफी पहले शुरू कर दी जाती हैं। उनके संभावित रूट, होटल, कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों का सुरक्षा ऑडिट किया जाता है। संभावित खतरों की पहचान के लिए तकनीकी निगरानी और सुरक्षा जांच को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाता है। जिन इलाकों से राष्ट्रपति का काफिला गुजरता है, वहां सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही व्यवस्था संभाल लेती हैं।
जिनपिंग की सुरक्षा में कई स्तर का घेरा
रिपोर्टों के मुताबिक, चीन में राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के पास होती है। विदेश यात्रा के दौरान चीनी सुरक्षा अधिकारी मेजबान देश की एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा योजना तैयार करते हैं। राष्ट्रपति के कार्यक्रम वाले इलाके में कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा बनाया जाता है। आम आवाजाही और गतिविधियों पर भी सुरक्षा कारणों से कड़ी निगरानी रखी जाती है।
होटल से लेकर रूट तक की होती है जांच
चीनी राष्ट्रपति के ठहरने वाले होटल और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा जांच पहले से की जाती है। होटल के आसपास की गतिविधियों, संचार व्यवस्था और तकनीकी सुरक्षा पर भी नजर रखी जाती है। संभावित खतरों को देखते हुए स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां और चीनी सुरक्षा टीम आपसी तालमेल से काम करती हैं।
तकनीक से भी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती रही है। कैमरों, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। विदेश दौरों में चीनी सुरक्षा अधिकारी संभावित सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने के लिए पहले से इलाके का निरीक्षण भी कर सकते हैं।
विशेष सुरक्षा वाहन भी काफिले का हिस्सा
शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं में चीन की हाई-सिक्योरिटी Hongqi N701 लिमोजिन चर्चा में रहती है। इसे चीनी राष्ट्रपति के लिए तैयार की गई विशेष सुरक्षा कार माना जाता है। हालांकि, किसी भी वाहन की वास्तविक सुरक्षा क्षमताओं से जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाती हैं।
भारतीय एजेंसियों के साथ चीनी सुरक्षा टीम का तालमेल
शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ चीनी एजेंसियों की नहीं है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी उनके रूट, कार्यक्रम स्थल और ठहरने की जगह की सुरक्षा में लगी हैं। BRICS सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर मजबूत किया गया है।




