गाजियाबाद। कुछ सम्मान केवल सम्मान नहीं होते, वे वर्षों की तपस्या, संघर्ष और विश्वास को पहचान देते हैं। रविवार को यशोदा हॉस्पिटल, संजय नगर में ‘हनुमान अंश’ की युवा निर्माता अनुप्रिया नागर के सम्मान समारोह में ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम में यशोदा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा, डॉ. शशि अरोड़ा, डॉ. रजत अरोड़ा, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. नितेशा मल्होत्रा सहित पूरा यशोदा परिवार उपस्थित रहा। सभी ने अनुप्रिया नागर के कार्यों की सराहना करते हुए उनके सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया।
डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा, “अनुप्रिया ने छोटी उम्र में बहुत बड़ा काम किया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, संत परंपरा और सनातन मूल्यों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य किया है। मैं उन्हें भारत की बेटी कहता हूं।”
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब डॉ. दिनेश अरोड़ा ने घोषणा की कि ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को यशोदा हॉस्पिटल की ओर से आजीवन निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस घोषणा पर उपस्थित लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
सम्मान से अभिभूत अनुप्रिया नागर ने कहा, “मेरी नजर में भगवान और डॉक्टर में कोई अंतर नहीं है। जब इंसान संकट और पीड़ा में होता है, तो वह डॉक्टर को ही याद करता है। डॉक्टर जीवन बचाने के साथ-साथ उम्मीद भी देते हैं।”
उन्होंने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल में उन्हें केवल सम्मान नहीं मिला, बल्कि परिवार जैसा अपनापन महसूस हुआ। उन्होंने डॉ. दिनेश अरोड़ा, डॉ. शशि अरोड़ा, डॉ. रजत अरोड़ा और पूरे यशोदा परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को आजीवन मुफ्त इलाज देने की घोषणा उनके लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण है।
अनुप्रिया ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब ‘हनुमान अंश’ को रिलीज से पहले ही फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। लेकिन बाबा नीम करौली की कृपा, संतों के आशीर्वाद और अथक परिश्रम ने सब कुछ बदल दिया। आज यह फिल्म भारतीय संस्कृति, आरती परंपरा और संत समाज के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि फिल्म की रिलीज से पहले जब वह बेहद परेशान थीं, तब उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया था। महाराज ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उनकी हर मनोकामना पूरी होगी और फिल्म अवश्य सफल होगी।
अनुप्रिया ने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनमें मुझे शिव तत्व दिखाई देता है।”
उन्होंने स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शान्तनु शुक्ला को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा, “शान्तनु जी हर पल मेरे साथ एक स्तंभ की तरह खड़े रहे। इस पूरी यात्रा में उन्होंने मेरा साथ दिया, मेरा मार्गदर्शन किया और हर कठिन समय में मेरा हौसला बढ़ाया।”
कार्यक्रम के अंत में यह सम्मान समारोह केवल एक युवा फिल्म निर्माता के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चिकित्सा सेवा, मानवीय संवेदना, सनातन संस्कृति और संत परंपरा के प्रति समर्पण का एक भावनात्मक उत्सव बन गया। यशोदा हॉस्पिटल द्वारा किया गया यह सम्मान और आजीवन चिकित्सा सहायता का ऐलान लंबे समय तक लोगों के दिलों में याद रखा जाएगा।




