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भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगा नागास्त्र-1R, SDAL ने एक साथ सौंपे 450 लोइटरिंग म्यूनिशन

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने भारतीय सेना को एक ही खेप में 450 नागास्त्र-1R लोइटरिंग म्यूनिशन की आपूर्ति पूरी कर दी है। कंपनी के मुताबिक, किसी निर्माता की ओर से भारतीय सेना को एक बार में दी गई यह सबसे बड़ी खेप है। नागास्त्र-1R की खरीद के लिए सेना ने इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के तहत ऑर्डर दिया था। इस सिस्टम को सेना की परिचालन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य कम दूरी के अभियानों में सटीक हमले की क्षमता उपलब्ध कराना है।

क्या है नागास्त्र-1R और कैसे करता है काम?

नागास्त्र-1R एक तरह का लोइटरिंग म्यूनिशन है, जिसे आम तौर पर कामिकाजे ड्रोन भी कहा जाता है। यह लक्ष्य वाले क्षेत्र में कुछ समय तक उड़ान भर सकता है और निर्धारित लक्ष्य पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, इस सिस्टम में मिशन को बीच में रद्द करने और ड्रोन को वापस सुरक्षित हासिल करने का विकल्प भी मौजूद है। यह सुविधा उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जब हमला करने का फैसला बदलना पड़े या मिशन को रोकना जरूरी हो जाए।

परीक्षणों में प्रदर्शन का दावा

SDAL के मुताबिक, मार्च 2025 में महाराष्ट्र के मकलोह स्थित SFTS में आयोजित तकनीकी परीक्षणों में चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था। कंपनी का दावा है कि इन परीक्षणों में केवल वही सभी परिचालन मानकों पर खरी उतरी। कंपनी ने यह भी बताया कि सिस्टम की सटीकता का आकलन कई लाइव ट्रायल के दौरान लक्ष्य पर निशाना लगाने की क्षमता के आधार पर किया गया। हालांकि, परीक्षणों के विस्तृत आधिकारिक नतीजों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

कम लागत में सटीक हमले पर जोर

आधुनिक युद्ध में ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन की भूमिका लगातार बढ़ी है। रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई संघर्षों में इन तकनीकों का इस्तेमाल देखने को मिला है। ऐसे में स्वदेशी प्रणालियों का विकास भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। SDAL ने नागास्त्र-1R को कम लागत में सटीक हमला करने की क्षमता वाला विकल्प बताया है। कंपनी अब अपनी लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों की तैनाती बढ़ाने और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ दीर्घकालिक सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

क्या है नागास्त्र-1 की खासियत?

नागास्त्र-1 एक स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणाली है, जिसे सोलर इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (EEL) ने जेड-मोशन, बेंगलुरु की मदद से डिजाइन और विकसित किया था। कंपनी के अनुसार, नागास्त्र-1 में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसका विकास भारत की रक्षा जरूरतों के लिए घरेलू तकनीक और विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा है।

सेना के आधुनिकीकरण को मिलेगी मजबूती

450 नागास्त्र-1R की एक साथ आपूर्ति भारतीय सेना के लिए स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। इससे आधुनिक युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली मानवरहित प्रणालियों की भूमिका भी रेखांकित होती है। हालांकि, इस खेप की आपूर्ति से जुड़ी उपलब्धियों और प्रदर्शन संबंधी दावों के लिए कंपनी की जानकारी प्रमुख आधार है। सिस्टम की वास्तविक परिचालन क्षमता का आकलन सेना के उपयोग और आधिकारिक परीक्षण संबंधी आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH