2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना सिर्फ सरकार का नहीं भारत के आम जनमानस का भी है। राजनीति हो, कूटनीति हो, विदेश नीति हो, अर्थ नीति हो, सैन्य नीति हो, नए आविष्कार हों या कृषक क्रांति। बदलते भारत के हर पहलू पर खबरों से आगे के विश्लेषण और धरातल पर उतरे वास्तविक तथ्यों के साथ राष्ट्रीय चैनल “आज की खबर” पर प्रसारित “वंदे राष्ट्र कार्यक्रम” ने लोकप्रियता के झंडे गाड़ते हुए अपने 100 एपिसोड पूरे कर लिए हैं।
‘वंदे राष्ट्र’ “आज की खबर” चैनल के फ्लैगशिप कार्यक्रमों की श्रंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस कार्यक्रम को देश के चिर-परिचित एंकर शेखर आनन्द त्रिवेदी प्रस्तुत करते हैं।
वैश्विक दृष्टिकोण से भारत के परिपेक्ष्य में निरंतर बदल रहे समीकरणों के सटीक विश्लेषण के लिए शेखर त्रिवेदी जाने जाते हैं। भारत और भारतवासियों से जुड़ी हर खबर का किस पर कितना और कैसा प्रभाव पड़ेगा, इस शो के जरिए समझा जा सकता है।
आज दुनिया तेजी से बदल रही है। कहीं युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण नए समीकरण बन रहे हैं, तो कहीं आर्थिक फैसलों का असर दूसरे देशों के बाजारों तक पहुंच रहा है। भारत की विदेश नीति, पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले भी लगातार चर्चा में रहते हैं। ‘वंदे राष्ट्र’ में इन घटनाओं को भारत के नजरिए से समझने और उनके अलग-अलग पहलुओं पर गम्भीर विश्लेषण किया जाता है।
वंदे राष्ट्र कार्यक्रम के 100 एपिसोड पूरे होने पर आज की खबर के प्रधान संपादक, फाउंडर एवं चेयरमैन डॉक्टर चन्द्रसेन वर्मा जी ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी भी समाचार चैनल पर प्रसारित होने वाले किसी भी संपादकीय कार्यक्रम से बिल्कुल अलग है। तथ्य, रिसर्च और नीतिगण निर्णयों का जिस तरह सरल भाषा में इस कार्यक्रम में विश्लेषण होता है वह एक डिजिटल बुक की तरह है। जिसमें ग्राफिक्स प्रेजेन्टेशन के साथ हो रहा विश्लेषण इस कार्यक्रम को एक अलग स्तर पर ले जाता है। डॉक्टर चन्द्रसेन वर्मा जी ने वंदे राष्ट्र की पूरी टीम को 100 एपिसोड़ के सफल पड़ाव पार करने पर शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रीय हिंदी न्यूज चैनल ‘आज की खबर’ पर ‘वंदे राष्ट्र’ सोमवार से शुक्रवार, हर रात 8:30 बजे प्रसारित होता है।
कार्यक्रम का दायरा केवल राजनीति और विदेश नीति तक सीमित नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी इसका हिस्सा हैं। कोई आर्थिक फैसला आम परिवार के बजट पर कितना असर डाल सकता है, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े बदलाव लोगों के लिए क्या मायने रखते हैं या अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से भारत के सामने कौन सी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, ऐसे सवालों के जवाब इस कार्यक्रम में रिसर्च के आधार पर रखे जाते हैं।
‘वंदे राष्ट्र’ में किसी बड़ी घटना को केवल उस दिन की खबर के रूप में नहीं देखा जाता। कोशिश होती है कि दर्शकों को उसकी पृष्ठभूमि, उससे जुड़े तथ्य और उसके संभावित परिणाम भी समझाए जाएं। देश की राजनीति हो या दुनिया में बदलता शक्ति संतुलन, कार्यक्रम में उन पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है जो भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले शेखर आनंद त्रिवेदी करीब 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह ज़ी मीडिया, सीएनईबी न्यूज, एस1 न्यूज, ईटीवी न्यूज, न्यूज इंडिया और ऑल इंडिया रेडियो जैसे संस्थानों से जुड़े रहे हैं। अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों, केंद्रीय बजट, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश की कई महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग की है।
राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों की रिपोर्टिंग का उनका लंबा अनुभव ‘वंदे राष्ट्र’ की प्रस्तुति में भी नजर आता है। गंभीर विषयों को सरल भाषा में समझाना और किसी घटना के पीछे की परिस्थितियों पर बात करना कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शेखर त्रिवेदी की कोशिश रहती है कि दर्शक सिर्फ खबर सुनकर न रह जाएं, बल्कि यह भी समझ सकें कि उस खबर का भारत और आम नागरिकों से क्या संबंध है।
आज टीवी, मोबाइल और सोशल मीडिया पर खबरों की रफ्तार बहुत तेज है। एक घटना पर चर्चा पूरी भी नहीं होती कि दूसरी बड़ी खबर सामने आ जाती है। ऐसे माहौल में किसी खबर का सही संदर्भ समझना और उसका व्यापक असर जानना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। ‘वंदे राष्ट्र’ में इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए समसामयिक घटनाओं का विस्तार से विश्लेषण किया जाता है।





