पंजाब में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताबिक कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए भगवंत मान सरकार ने नई पहल की है। राज्य सरकार ने ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल लॉन्च किया है। इसके जरिए कंपनियों और युवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ ही कौशल विकास और भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में इस पोर्टल के साथ ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब इंसेंटिव्स मॉड्यूल’ की भी शुरुआत की। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने प्रदेश में ही बेहतर अवसर मिल सकें। वहीं, उद्योगों को भी अपनी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित और योग्य उम्मीदवार तलाशने के लिए एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्योगों और युवाओं के बीच दूरी कम करेगा पोर्टल
राज्य सरकार के मुताबिक, रोजगार के क्षेत्र में कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका असर उद्योगों और युवाओं दोनों पर पड़ता है। कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक कुशल कर्मचारी तलाशने में परेशानी होती है, जबकि युवाओं को उपलब्ध नौकरियों और जरूरी कौशल की जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में दी जाने वाली ट्रेनिंग और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच भी अंतर देखने को मिलता है। ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल के जरिए इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी। इसका उद्देश्य कंपनियों, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को एक मंच पर लाकर भर्ती, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
सात विभागों के 1,700 से ज्यादा संस्थान जुड़े
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सात प्रशासनिक विभागों के अंतर्गत आने वाले 1,700 से अधिक संस्थान इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इसे राज्य में कौशल विकास और रोजगार व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ‘हुनर पंजाब’ और ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ मिलकर उद्योगों के लिए एकीकृत व्यवस्था तैयार करेंगे। इसके तहत कौशल विकास, प्रतिभाओं की पहचान और रोजगार से संबंधित गतिविधियों को आपस में जोड़ा जाएगा। पोर्टल के अलग-अलग मॉड्यूल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
चार मॉड्यूल से मिलेगी रोजगार और ट्रेनिंग में मदद
‘हुनर पंजाब’ पोर्टल को चार प्रमुख मॉड्यूल के आधार पर तैयार किया गया है। इनके जरिए कंपनियों को संस्थानों की पहचान करने से लेकर युवाओं की भर्ती और प्रशिक्षण तक में सहायता मिलेगी।
1. संस्थानों की खोज: इस मॉड्यूल के माध्यम से उद्योग अपनी जरूरत के अनुसार शिक्षण संस्थानों और प्रशिक्षण केंद्रों की पहचान कर सकेंगे। इससे कंपनियों और संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी।
2. भर्ती और प्लेसमेंट: कंपनियां अपनी जरूरत के मुताबिक योग्य उम्मीदवारों तक पहुंच सकेंगी। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों से जोड़ना और भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाना है।
3. इंटर्नशिप और औद्योगिक प्रशिक्षण: इस मॉड्यूल के जरिए विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसमें उद्योगों, शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
4. उद्योग और संस्थानों के बीच सहयोग: इस व्यवस्था के तहत कंपनियों और शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पढ़ाई और प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
MoU के जरिए कंपनियों और कॉलेजों में साझेदारी
पोर्टल के माध्यम से उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन यानी MoU के जरिए सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत कंपनियां और संस्थान गेस्ट लेक्चर, फैकल्टी ट्रेनिंग, कार्यस्थल पर प्रशिक्षण और प्लेसमेंट जैसी गतिविधियों में साझेदारी कर सकेंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम में जरूरी बदलावों के सुझाव, तकनीकी सहायता, बुनियादी ढांचे के विकास और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत सहयोग जैसे विकल्प भी शामिल किए गए हैं। सरकार की इस पहल का मकसद युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराना है, ताकि वे नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। वहीं, कंपनियों को भी ऐसे उम्मीदवार मिल सकेंगे, जिनके कौशल उनकी जरूरतों के अनुरूप हों।
युवाओं के रोजगार पर सरकार का फोकस
‘हुनर पंजाब’ पोर्टल के जरिए राज्य सरकार उद्योगों की मांग और युवाओं के कौशल के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो इससे प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसरों को एक मंच पर लाने में मदद मिल सकती है। सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य पंजाब में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय प्रतिभाओं का बेहतर इस्तेमाल करना और उद्योगों को कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।




