मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और निर्देशक ई. ए. राजेंद्रन का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कोल्लम के पट्टाथानम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके परिवार में पत्नी संध्या राजेंद्रन हैं। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार, 27 मार्च को उनके पैतृक स्थान त्रितल्लूर (त्रिशूर) में किया जाएगा।
थिएटर से सिनेमा तक का सफर
राजेंद्रन ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। त्रिशूर यूपी स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने नाटकों में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की पढ़ाई की और प्रथम श्रेणी से स्नातक किया। आगे चलकर उन्होंने पुणे के फिल्म संस्थान से टेलीविजन का कोर्स भी किया।
फिल्मी करियर में बनाई अलग पहचान
अपने करियर में उन्होंने करीब 60 फिल्मों में काम किया और खासतौर पर खलनायक व सहायक भूमिकाओं में दर्शकों के बीच पहचान बनाई। उन्होंने वी. आर. गोपीनाथ की फिल्म ‘ग्रीष्मम’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। बीच में एक ऐसा दौर भी आया जब उन्हें काम नहीं मिला, लेकिन उन्होंने जयराज निर्देशित फिल्म ‘कलियट्टम’ से दमदार वापसी की। इसके बाद वे ‘प्रणयवर्णंगल’, ‘दया’ और ‘पट्टाभिषेकम’ जैसी फिल्मों में नजर आए। फिल्मों के अलावा उन्होंने कई टीवी धारावाहिकों में भी काम किया।
रचनात्मक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे
राजेंद्रन ने थिएटर में निर्देशन के जरिए भी अपनी अलग पहचान बनाई। इसके साथ ही उन्होंने ‘स्टेट हॉर्टिकल्चर कॉर्पोरेशन’ के चेयरमैन के रूप में भी सेवाएं दीं। वह अभिनेता मुकेश के जीजा भी थे। साल 2025 की शुरुआत में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सेहत को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया था कि डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने शुगर कंट्रोल करने के लिए वजन कम किया और उम्र बढ़ने के साथ सावधानी बरत रहे थे। उनका पार्थिव शरीर पहले कोल्लम में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद उसे त्रिशूर ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार त्रिथल्लूर स्थित उनके आवास पर किया जाएगा।




