कनाडा के वैंकूवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के एक पायलट को उड़ान से पहले शराब के नशे में पाए जाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। यह घटना 23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर से वियना जा रही फ्लाइट AI186 से जुड़ी है।
इस मामले को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए ट्रांसपोर्ट कनाडा ने 24 दिसंबर 2025 को एअर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर चिंता जताई। यह कार्रवाई रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की शिकायत के आधार पर की गई। पत्र में कहा गया है कि कैप्टन सौरभ कुमार 23 दिसंबर को ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन वे शराब के नशे में थे और उड़ान के लिए फिट नहीं पाए गए।
ट्रांसपोर्ट कनाडा के अनुसार, वैंकूवर एयरपोर्ट पर किए गए दो ब्रेथलाइजर टेस्ट में पायलट के नशे में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें विमान से उतार दिया गया। प्राधिकरण ने इसे कैनेडियन एविएशन रेगुलेशंस (CARs) का उल्लंघन बताया है। इसमें CARs 602.02 और 602.03 के साथ-साथ एअर इंडिया के फॉरेन एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (FAOC) की शर्तों के उल्लंघन की बात कही गई है।
ट्रांसपोर्ट कनाडा ने एअर इंडिया से 26 जनवरी तक इस मामले पर जवाब मांगा है, जिसमें जांच के निष्कर्ष और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल करने को कहा गया है।
इधर, इससे एक दिन पहले भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी एअर इंडिया के एक अन्य पायलट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह नोटिस फ्लाइट AI-358 और AI-357 में एयरक्राफ्ट डिस्पैच, मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) के पालन और फ्लाइट क्रू के निर्णय से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को लेकर जारी किया गया था। डीजीसीए ने कहा कि पायलट ने बार-बार तकनीकी दिक्कतों और सिस्टम खराबी के बावजूद विमान को स्वीकार किया।
एअर इंडिया ने मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि वैंकूवर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI186 अंतिम समय पर इसलिए विलंबित हुई क्योंकि उड़ान से ठीक पहले पायलट को हटाया गया था। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था की गई। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि मामले की जांच जारी है।




