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सिख विरोधी टिप्पणियों के आरोप पर अकाल तख्त ने सीएम भगवंत मान को भेजा समन, 15 जनवरी को पेश होने का निर्देश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को कथित सिख विरोधी टिप्पणियों के मामले में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त ने समन जारी किया है। यह समन अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की ओर से भेजा गया है, जिसमें मुख्यमंत्री को 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। अकाल तख्त का कहना है कि मान की टिप्पणियों से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन पर सिख विरोधी टिप्पणियां और आपत्तिजनक बर्ताव करने के आरोप लगे हैं। अकाल तख्त ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए इसे सिख परंपराओं के खिलाफ बताया और मामले में स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया।

भगवंत मान पंजाब के दूसरे मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें अकाल तख्त की ओर से समन भेजा गया है। इससे पहले 1980 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला को भी अकाल तख्त के समन का सामना करना पड़ा था।

समन मिलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह एक श्रद्धालु सिख के रूप में अकाल तख्त के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने लिखा,“श्री अकाल तख्त साहिब जी का कोई भी आदेश पूरी श्रद्धा के साथ स्वीकार किया जाएगा और उसका पालन किया जाएगा। मैं श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नंगे पैर जाऊंगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 15 जनवरी को उनका अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है, इसके बावजूद वह अकाल तख्त के बुलावे का सम्मान करते हुए वहां उपस्थित होंगे। भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके और उनके परिवार के लिए सर्वोच्च स्थान रखता है।

इससे पहले अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र का विवरण साझा करते हुए कहा था कि वायरल वीडियो में सिख गुरु साहिबानों और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के संदर्भ में आपत्तिजनक गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान सत्ता के अहंकार को दर्शाते हैं।

ज्ञानी गड़गज ने यह भी कहा कि अकाल तख्त वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराएगा और यदि वीडियो प्रामाणिक पाया गया, तो पंथिक परंपराओं के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH