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मालेगांव ब्लास्ट पर अखिलेश का तंज: “क्या अमेरिका टैरिफ विवाद को दबाने के लिए लाई गई ये खबर?

नई दिल्ली:मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली स्थित संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह फैसला किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर से ध्यान भटकाने के लिए आया है?

अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा,जो बात आप समझ रहे हैं, वही मैं समझ रहा हूं। जो आप कहना नहीं चाहते, वो मैं नहीं कह रहा। कहीं ऐसा तो नहीं कि खबरें दबाने के लिए कोई और खबर सामने लाई जा रही हो?

उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के मुद्दे की ओर इशारा करते हुए कहा  “मैंने मालेगांव केस की पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, लेकिन इतनी बड़ी घटना के आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए थी। अमेरिका में जो हुआ, क्या यह मालेगांव की खबर उसी पर पर्दा डालने की कोशिश है? टैरिफ एक बड़ा मसला है।

चीन को बताया भारत के लिए बड़ा खतरा

अखिलेश यादव ने इस दौरान चीन को भी भारत के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि चीन न केवल हमारी ज़मीन छीन रहा है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था को भी कमजोर कर रहा है। “भारत को चीन से बहुत बड़ा खतरा है। वो हमारे व्यापार और ज़मीन दोनों पर कब्जा कर रहा है। सरकार को इस दिशा में गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है।

एनआईए कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी बरी किए

बता दें कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में मुंबई स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने गुरुवार को सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित भी शामिल थे। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ “विश्वसनीय और ठोस सबूत” पेश करने में विफल रहा।

इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस और बाद में एनआईए ने की थी।

ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाने का किया ऐलान

इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर 1 अगस्त से भारत पर 25% टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने भारत पर ‘अत्यधिक टैरिफ’ और ‘कठोर व्यापारिक प्रतिबंधों’ का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत, भले ही अमेरिका का मित्र है, लेकिन व्यापार संतुलन के मामले में अनुचित व्यवहार करता रहा है।भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं और उसके गैर-मौद्रिक व्यापार प्रतिबंध भी बहुत कठोर हैं,” ट्रंप ने कहा। “रूस से तेल खरीदने पर भारत को अतिरिक्त दंड का भी सामना करना पड़ेगा।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH