नीरज गोयल की विशेष रिपोर्ट
नोएडा : रविवार को सेक्टर-121 स्थित Cleo County सोसाइटी में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना का जागरण, राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल करना और भारतीय परंपराओं के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अनंतश्री विभूषित जगदगुरू प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर सतीशाचार्य जी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इसके पश्चात वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिंदू समाज की एकता, समरसता और संगठन शक्ति ही राष्ट्र की मजबूती का आधार है। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जगदगुरू सतीशाचार्य जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म की मूल आत्मा संस्कृत भाषा में निहित है और हिंदी हमारी राष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने समाज से अपनी भाषाओं और संस्कृति की ओर लौटने का आह्वान किया। उन्होंने केवल अंग्रेजी भाषा बोलकर स्वयं को बौद्धिक समझने की प्रवृत्ति से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि सच्चा बौद्धिक वही है जो अपनी जड़ों से जुड़ा हो।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौ माता का विशेष स्थान है तथा देवी-देवताओं की स्तुति और नियमित पूजा-पाठ से जीवन में संस्कार और सकारात्मकता आती है। उन्होंने समाज को सचेत करते हुए कहा कि हमें पीर-फकीरों के अंधानुकरण से बचना चाहिए और अपनी आने वाली पीढ़ी को लव जिहाद जैसी कुत्सित मानसिकता से बचाने के लिए जागरूक रहना होगा।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता श्रीमान रुपेश जी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि हिंदू समाज के एकजुट होने से समाज में सकारात्मक और व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए समाज को सामाजिक समरसता, स्व का बोध, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. गौतम खट्टर, सनातन महासंघ के संस्थापक ने अपने संबोधन में कहा कि सभी सनातनी परिवारों को अपने आसपास विधर्मी तत्वों और सनातन धर्म पर गलत टिप्पणी करने वालों से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सनातन धर्म पर आने वाले संभावित संकटों के प्रति समाज को अभी से जागरूक और संगठित होना होगा, ताकि धर्म और संस्कृति की रक्षा प्रभावी ढंग से की जा सके।
हिंदू सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि श्रीमान पुष्पहास अग्रवाल जी (क्लियो ग्रुप के प्रबंध निदेशक) रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं।कार्यक्रम के दौरान देश की प्रगति, आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और सामाजिक सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने प्रत्येक नागरिक से अपने दायित्वों को समझते हुए समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने का आह्वान किया।

सम्मेलन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों और युवाओं द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया गया। इसी क्रम में गोदान फिल्म के गीत को एलईडी स्क्रीन पर चलाकर दिखाया गया, जिसे देखकर सभी दर्शक भावविभोर हो गए और पूरा बैंक्विट हॉल करतल ध्वनि से गूंज उठा।इसके साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग एवं श्री श्री रविशंकर जी के शिष्य तथा प्रसिद्ध धार्मिक गायक गगन राठौड़ ने अपनी भक्ति संगीत प्रस्तुति से जनसमूह में निरंतर उत्साह और आनंद का वातावरण बनाए रखा, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
मंच संचालन की भूमिका ओज कवि जितेंद्रजीत ने निभाई और वे अपनी कविताओं, मुक्तकों एवं छंदों के माध्यम से लगातार जनसमूह को उत्साहित करते रहे। कार्यक्रम के आयोजक हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति (क्लियो काउंटी सोसायटी सेक्टर-121) रही। कार्यक्रम को भव्य बनाने में कार्यकारिणी सदस्य आशा शर्मा, शारदेंदु सिंह, राजकुमार मित्तल, नितेश जैन, अनिल पालीवाल, सौरभ तोला, निरंजन गुप्ता, नरेंद्र गर्ग, एच.के. अग्रवाल, रजनीश कुमार, प्रेम शंकर सिंह, रमन मेहरा, शिवेंद्र सुमन, आई.एस. शर्मा, अश्वनी लांबा, देवेंद्र जैन एवं समस्त सदस्यों के साथ ओमप्रकाश गुप्ता जी की विशेष भूमिका रही।

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाकर सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य किया जाएगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, गणमान्य नागरिक, साधु-संत, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग उपस्थित रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। नोएडा के लगभग 100 हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला की कड़ी में 26 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन रविवार को किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का समापन किया गया।




