Uttar Pradesh

योगी सरकार में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही युवाओं को रोजगार के मिले नए अवसर

लखनऊ। प्रदेश में योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी देने का काम योगी सरकार ने किया है। सरकारी नौकरियां हो या फिर स्‍वरोजगार की बात योगी सरकार ने जो पिछले दस सालों में सपा और बसपा की सरकारें नहीं कर पाईं वो काम आज बीजेपी सरकार ने महज पांच सालों में कर के दिखा दिया है। अगर सरकारी नौकरियों में नए अवसर की बात करें तो साल 2007 से मार्च 2017 तक महज 1 लाख 90 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी में रखा गया वहीं 2017 के बाद 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई 3 लाख 50 हजार युवाओं को संविदा पर सरकारी नौकरी दी गई।

प्रदेश में युवाओं को टेबलेट और स्‍मार्टफोन वितरण की बात करें तो सपा में लैपटॉप घोटाला किया। योगी सरकार ने युवाओं के लिए एक करोड़ टेबलेट और स्मार्टफोन ने आवंटित करके युवा कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सपा सरकार ने कथित तौर पर लगभग 15 लाख लैपटॉप खरीदे लेकिन खरीदे गए लैपटॉप में से केवल छह लाख वितरित किए गए। 2017 में दायर एक आरटीआई के अनुसार, शेष नौ लाख लैपटॉप की स्थिति का नहीं पता। 2016 में सपा के कार्यकाल के दौरान बेरोजगारी दर 17.6 प्रतिशत थी बीजेपी के कार्यकाल में बेरोजगारी दर को यूपी के इतिहास में सबसे निचले स्तर पर दर्ज की गई। जनवरी 2022 में 3.0 प्रतिशत है।

यूपी में एमएसएमई उद्योगों के माध्यम से रोजगार

अखिलेश यादव की सरकार के अंतर्गत सभी एमएसएमई में कार्यरत मजदूर बेहद उपेक्षित महसूस करता था क्योकि लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का हल नहीं किया गया था। लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में 1.61 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया गया। 60 लाख युवाओं ने उपलब्ध कराए गए वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर स्‍वरोजगार का सपना पूरा हुआ।

नये विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई तेज

प्रदेश में आजमगढ़, अलीगढ़ व सहारनपुर में नये विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई। मेरठ में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना निर्माण कार्य, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना, श्री राजेन्द्र प्रसाद विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज की स्थापना के साथ श्री गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। 5 सालों में सरकार द्वारा 120554 शिक्षकों समेत 1.5 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश यादव के कार्यकाल में उप्र प्राथमिक विद्यालयों में 31,000 से अधिक शिक्षकों और प्राथमिक विद्यालयों में तैनात 119 शिक्षकों के पास आवश्यक योग्यता नहीं थी।

सपा ने किया छात्रवृत्ति घोटला

सपा में छात्रवृत्ति घोटाले किए गए वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में बिना भेदभाव 1 करोड़ 78 लाख छात्रों को 13618 करोड़ रुपए की माध्‍यमिक व उच्‍च माध्‍यमिक छात्रवृत्ति से सम्‍मानित किया गया। पिछली सरकारों के कार्यकाल में स्कूलों की हालत जर्जर थी वहीं ऑपरेशन कायाकल्‍प के तहत 1.4 लाख प्राइमरी स्कूलों का नवीनीकरण किया गया।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH