नई दिल्ली। देशभर में UGC Act 2026 को लेकर जहां एक ओर विरोध और बहस तेज़ हो गई है, वहीं इस कानून के समर्थन में सिनेमा भी एक मज़बूत आवाज़ बनकर उभर रहा है। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर आधारित हिंदी फीचर फ़िल्म ‘Quota – The Reservation’ वर्ष 2022 में ही रिलीज़ हो चुकी है, जिसे अब एक दूरदर्शी और समय से आगे की फ़िल्म के रूप में देखा जा रहा है।
फ़िल्म ‘Quota – The Reservation’ को देश-विदेश के कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवल्स में प्रदर्शित किया गया, जहां इसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त हुए। इस फ़िल्म को लिखा और निर्देशित किया है जाने-माने फ़िल्म लेखक एवं निर्देशक संजयव जaiswal ने, जो सामाजिक मुद्दों पर बेबाक सिनेमा के लिए पहचाने जाते हैं। इससे पहले भी संजीव जायसवाल ने जातिवाद की परतें खोलने वाली चर्चित फ़िल्म ‘Shudra – The Rising’ का निर्माण किया था, जो वर्ष 2012 में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और अपने विषय को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बनी।
‘Quota – The Reservation’ की कहानी आज के कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में लगातार सामने आ रहे कास्टिज़्म (जातिगत भेदभाव) के मुद्दों पर आधारित है। फ़िल्म यह दर्शाती है कि किस तरह शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सुधार आवश्यक हैं — और इसी संदर्भ में यह फ़िल्म नए UGC Act 2026 की भावना और उद्देश्यों का समर्थन करती नज़र आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी कानून पर समाज में तीखी बहस चल रही हो, ऐसे समय में इस तरह की फ़िल्में जनता को सोचने, समझने और संवाद स्थापित करने का अवसर देती हैं। ‘Quota – The Reservation’ आज एक बार फिर प्रासंगिक हो गई है और UGC Act 2026 के पक्ष में एक सशक्त सिनेमाई दस्तावेज़ के रूप में देखी जा रही है।




