शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों यात्रा पर हैं। इसी बीच उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला होने का मामला सामने आया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की साजिश होने का आरोप लगाया है। हालांकि शंकराचार्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
यात्रा के दूसरे दिन जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से इस मामले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा, “मैं तो यहां बैठा हूं। आप लोगों से ही हमें पता चला है कि ऐसा कुछ हुआ है। वहां के अटेंडेंट ने भी बताया है कि जब वह बाथरूम जा रहे थे तब सब ठीक था, लेकिन लौटने के बाद उन्होंने हमले का आरोप लगाया।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा या शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक केवल बौद्धिक रूप से जवाब दें, न कि हिंसक तरीके से। 21 लाख रुपये के इनाम से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिसने भी ऐसा इनाम घोषित किया है, वही इसके बारे में बेहतर बता सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से किसी प्रकार का इनाम घोषित नहीं किया गया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा हमले के सबूत होने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यदि उनके पास कोई सबूत हैं तो उन्हें पहले ही सामने लाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां उनके या उनके समर्थकों के तरीके का हिस्सा नहीं हैं। इस तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए कथित हमले के मामले में पूरी तरह अनभिज्ञता जताते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।




