असम। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का कड़ा जवाब दिया, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि उनका सपना है कि भविष्य में हिजाब पहनने वाली लड़की भारत की प्रधानमंत्री बने। सरमा ने कहा कि संवैधानिक रूप से कोई रोक नहीं है, लेकिन भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और यहां का प्रधानमंत्री हमेशा हिन्दू होगा। उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिन्दू व्यक्ति ही होगा।”
बीजेपी प्रवक्ता ने भी ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनौती दी कि पहले अपनी पार्टी में हिजाब-पहने महिला या पासमांडा समुदाय के किसी सदस्य को अध्यक्ष बनाइए, उसके बाद प्रधानमंत्री बनने का सपना देखें। प्रवक्ता ने कहा कि संविधान में कोई बाधा नहीं है, लेकिन पहले वोट जीतना जरूरी है।
ओवैसी ने अपने बयान में भारतीय संविधान की समावेशिता का हवाला देते हुए कहा था कि भारत में कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में केवल मुसलमान व्यक्ति ही शीर्ष पदों पर आसीन हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मुंबई नगर निगम चुनावों के प्रचार के दौरान आया है, जो 15 जनवरी को होने हैं। चुनावी माहौल में ओवैसी का बयान समावेशिता और अल्पसंख्यक अधिकारों पर केंद्रित है, जबकि सरमा और बीजेपी का जवाब हिन्दू पहचान और सांस्कृतिक दृष्टिकोण पर आधारित है। इससे हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के बीच राजनीतिक जंग और तेज होने की संभावना है।




