लखनऊ। माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पूरी सोची समझी साजिश थी। इसका प्लान पहली ही बना लिया गया था। हत्यारे वारदात से दो दिन पहले प्रयागराज के एक होटल में ठहरे हुए थे।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए बदमाश सुपारी किलर हैं। इन्हें किसी और ने अतीक और अशरफ की हत्या का ठेका दिया था। प्रयागराज पुलिस अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के तत्काल बाद तीन बदमाशों को मौके से गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों की पहचान बांदा के रहने वाले लवलेश तिवारी, कासगंज के अरुण और हमीरपुर के रहने वाले सनी के रूप में हुई है. पुलिस की पूछताछ में इन बदमाशों ने बताया कि वह पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए आए थे।
वह वारदात से 48 घंटे पहले ही प्रयागराज पहुंचे और एक होटल में ठहरे थे। यहीं से वह इनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए मौके की तलाश कर रहे थे। इस इनपुट के बाद रविवार की सुबह उनके होटल में पुलिस ने दबिश दी और उनके कमरे की तलाशी कराई है। पुलिस सूत्रों की माने तो होटल में अभी भी इन बदमाशों के सामान पड़े हैं. इनमें से एक हत्यारा हैंगिंग बैग लेकर आया था। पुलिस इन बदमाशों से पूछताछ करते हुए वारदात के मास्टर माइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए बदमाश मास्टर माइंड नहीं, बल्कि गुर्गे हैं। इन्हें तो हॉयर किया गया था। इन बदमाशों के लिए पैसे, हथियार और प्रयागराज में ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था किसी और ने कराई थी। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि यह सब करने वाला कौन है। सूत्रों के मुताबिक बदमाशों को पहले से ही पता था कि पुलिस अतीक और अशरफ का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए ले जाएगी इसलिए वारदात से पहले इन तीनों बदमाशों ने इस पूरे रूट की रेकी की थी।
वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने दो स्पॉट तय किए थे। हालांकि पहले स्पॉट पर वह वारदात को अंजाम नहीं दे पाए, लेकिन दूसरे स्पॉट पर इन्हें मौका मिला तो अपना काम कर दिया। पुलिस बदमाशों के इस कबूलनामे का सत्यापन करने का प्रयास कर रही है।




