पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी स्कूलों के 30 प्रिंसिपलों के आठवें बैच को सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पद्धतियों से परिचित कराना और पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने रवाना होने से पहले प्रिंसिपलों से मुलाकात की, उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा की सफलता के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों और प्रिंसिपलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के अवसर दिए जा रहे हैं ताकि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को सीखकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आठवां बैच 8 से 14 मार्च तक सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। अब तक 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों के आठ बैचों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा चयनित प्रिंसिपलों का सत्यापन भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रिंसिपल विदेशों में प्रचलित आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से परिचित होते हैं और लौटने के बाद अपने अनुभवों को विद्यार्थियों तथा अन्य शिक्षकों के साथ साझा करते हैं। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलता है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलती है।
विद्यार्थियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को सशस्त्र सेनाओं, नीट, जेईई, क्लैट और निफ्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग भी दी जा रही है। स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए योग्यता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में किसी व्यक्ति की समृद्धि का आकलन उसकी संपत्ति से नहीं बल्कि उसके बच्चों को मिली शिक्षा से किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब के एक किसान की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में 15वां स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मार्च का दिन पंजाब के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि टाटा स्टील इस दिन भारत में अपने दूसरे सबसे बड़े संयंत्र में काम शुरू करेगा। 3,200 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह परियोजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां फंसे पंजाब के 385 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 300 संयुक्त अरब अमीरात में और बाकी अन्य देशों में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।
रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की विदेश नीति और संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की बात करते थे, उन्होंने देश को ‘विश्व चेला’ बना दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार बिजली (संशोधन) विधेयक, 2025 का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप है, क्योंकि बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सूची के विषय हैं और केंद्र को इनमें दखल देने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने राज्यपाल के भाषण के बहिष्कार को लेकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ नेता केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। वहीं अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे जमीनी हकीकत से दूर हैं और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।




