नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें शिक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने 9वीं कक्षा की सरकारी स्कूल की छात्राओं को साइकिल देने के लिए 50 करोड़ रुपये और छात्रों को लैपटॉप देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि पढ़ाई और स्कूल आने-जाने में आसानी हो सके।
अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये और दिल्ली जल बोर्ड को 9000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय लगभग 5.1 लाख रुपये रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से 2.5 गुना अधिक है, जबकि GSDP 9.4% बढ़कर 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सेवा क्षेत्र का योगदान 86% से अधिक बताया गया है।
बजट में परिवहन को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसमें मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश किया गया। साथ ही 100% बिजली कवरेज, 93.5% घरों तक पाइप्ड पानी और हरित क्षेत्र में वृद्धि का भी उल्लेख किया गया। युवाओं के लिए नरेला में इंटीग्रेटेड एजुकेशन हब, टैलेंट हंट के लिए 10 करोड़ रुपये, दिल्ली में सैनिक स्कूल खोलने और प्ले स्कूलों को रेगुलेट करने की नई नीति लाने की घोषणा भी की गई है।




