लखनऊ : उत्तर प्रदेश में ‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज को लेकर विवाद बढ़ गया है। ब्राह्मण समाज ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और राजनीतिक दलों ने भी विरोध जताया है। बड़ी संख्या में विरोध और सामाजिक तनाव को देखते हुए सीएम योगी के निर्देश पर हजरतगंज पुलिस ने वेब सीरीज के निदेशक और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हजरतगंज कोतवाली के एसएचओ विक्रम सिंह ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 196 (धर्म, जाति और भाषा के आधार पर वैमनस्यता फैलाना), 299 (किसी वर्ग की भावनाओं को जानबूझकर आहत करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 353 (सार्वजनिक उपद्रव) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दर्ज की गई है। एसएचओ ने कहा कि वेब सीरीज के नाम और सामग्री से एक विशेष जाति को अपमानित करने और समाज में वैमनस्यता फैलाने की आशंका है। इसके अलावा, कई सामाजिक संगठन इसके खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी वेब सीरीज पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ‘पंडित’ को घूसखोर दिखाकर पूरे देश में अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की। वहीं, ब्राह्मण समाज के लोग यूपी के कई जिलों में वेब सीरीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैन लगाने और निदेशक एवं कलाकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।




