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दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देश: जानिए कीमतें और कारण

कल्पना कीजिए कि जिस एक लीटर पेट्रोल के लिए आप अपनी जेब ढीली करते हैं, उसकी कीमत किसी माचिस की डिब्बी के बराबर भी हो सकती है। दुनिया के कुछ देशों में ईंधन की कीमतें इतनी कम हैं कि सुनकर हैरानी होती है। खासकर खाड़ी यानी गल्फ देशों में सरकार अपने नागरिकों को भारी सब्सिडी देती है, जिससे पेट्रोल वहाँ पानी की कीमत पर बिकता है।

दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल

ईंधन की कीमतें किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। भारत जैसे देशों में जहाँ पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के करीब है, वहीं कुछ देशों में इसकी कीमत महज 2-3 रुपये प्रति लीटर है। इसका मुख्य कारण तेल भंडार और भारी सरकारी सब्सिडी है।

ईरान इस मामले में सबसे आगे है। यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत लगभग 2.50–3 रुपये है। सरकार अपनी जनता को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए सब्सिडी देती है, लेकिन इस सस्ते ईंधन ने बड़े पैमाने पर तस्करी जैसी समस्याएं भी पैदा कर दी हैं। इसको नियंत्रित करने के लिए ईरान ने ‘कोटा सिस्टम’ लागू किया है, जिसके तहत प्रति माह 160 लीटर तक ही कम कीमत में पेट्रोल मिलता है।

लीबिया सस्ते पेट्रोल की दौड़ में दूसरे नंबर पर है। उत्तरी अफ्रीका का यह देश अपने नागरिकों को औसतन 2.64 रुपये प्रति लीटर में पेट्रोल उपलब्ध कराता है।

वेनेजुएला भी पहले मुफ्त जैसे पेट्रोल के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन आर्थिक संकट के बाद यहाँ कीमतें लगभग 3 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। यहाँ भी सब्सिडी के लिए कोटा सिस्टम लागू है।

गल्फ देशों में पेट्रोल की कीमतें

गल्फ देशों को दुनिया का ‘पावरहाउस’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ कच्चे तेल का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। स्थानीय नागरिक इसका फायदा कम कीमत में उठाते हैं:

  • कुवैत: 29–30 रुपये प्रति लीटर
  • इराक: 29–30 रुपये प्रति लीटर
  • बहरीन: 31–32 रुपये प्रति लीटर
  • कतर: 48–49 रुपये प्रति लीटर
  • सऊदी अरब: 50–51 रुपये प्रति लीटर
  • ओमान: 53–54 रुपये प्रति लीटर

भारत और पड़ोसी देशों की तुलना

वैश्विक सूची में भारत 73वें स्थान पर है, जहाँ पेट्रोल की औसत कीमत 95–105 रुपये प्रति लीटर है। पाकिस्तान में यह कीमत 80–84 रुपये प्रति लीटर है और वैश्विक रैंकिंग में 36वें स्थान पर है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है और उस पर भारी टैक्स वसूलता है, जबकि गल्फ देश खुद तेल उत्पादक हैं।

 

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH