राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार को शहर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई और AQI 300 के करीब पहुंच गया। सप्ताह की शुरुआत में थोड़े सुधार के बाद अब प्रदूषण में दोबारा इजाफा देखा जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 40 निगरानी केंद्रों में से 24 पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। रविवार को राजधानी का औसत AQI 216 रहा, जबकि सोमवार को इसमें और बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर ‘मध्यम’ से ऊपर बना हुआ है।
मानकों से दोगुना प्रदूषण
रविवार शाम चार बजे पीएम10 का औसत स्तर 193.5 और पीएम2.5 का स्तर 95.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित मानकों से लगभग दोगुना है। सोमवार सुबह कई इलाकों में स्मॉग की परत देखी गई। एम्स के आसपास AQI 239 दर्ज किया गया, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
CPCB के अनुसार, AQI की श्रेणियां इस प्रकार हैं:
0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बेहद खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’।
मौसम में बदलाव, पर राहत सीमित
मौसम में बदलाव के साथ सर्दी अब विदाई की ओर है। सुबह हल्की धुंध रहती है, जबकि दिन में आसमान साफ और धूप निकलने से मौसम सुहावना बना रहता है। हालांकि, प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोग से पीड़ित लोगों के लिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार और बुधवार को दिल्ली व आसपास के इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इससे वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हो सकता है, हालांकि तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। अगले तीन-चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 फरवरी की रात सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन, दिल्ली से गुजरात तक फैली ट्रफ लाइन और अरब सागर से आ रही नमी के कारण यह बदलाव संभव है।




