पुष्कर सिंह धामी सरकार ने शुक्रवार (20 मार्च) को मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए पांच विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया। नए मंत्रियों में राजपुर से विधायक खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी को जगह दी गई है। इस कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। शामिल किए गए मंत्रियों में एक अनुसूचित जाति, एक ब्राह्मण, दो ठाकुर और एक पंजाबी समुदाय से प्रतिनिधित्व दिया गया है।
दरअसल, धामी मंत्रिमंडल में लंबे समय से पांच पद खाली चल रहे थे। पहले तीन पद रिक्त थे, लेकिन 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद यह संख्या चार हो गई। इसके बाद 2025 में विवाद के चलते प्रेम चंद्र अग्रवाल के इस्तीफे से खाली पदों की संख्या बढ़कर पांच हो गई थी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह विस्तार अहम माना जा रहा है। खजान दास देहरादून की राजपुर सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं और पहले भी सरकार में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। प्रदीप बत्रा रुड़की से तीन बार विधायक रहे हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय चेहरा माने जाते हैं।
मदन कौशिक हरिद्वार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और संगठन व सरकार दोनों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। राम सिंह कैड़ा भीमताल से दो बार विधायक हैं और पहले निर्दलीय तथा कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वहीं भरत चौधरी रुद्रप्रयाग से दो बार विधायक हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। कैबिनेट विस्तार को आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।




