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इंजीनियर से ज्योतिषाचार्य तक : डॉ. रजनीश मिश्रा बोले- गणित और विज्ञान पर आधारित है ज्योतिष

रिपोर्ट : अंकित कुमार गोयल

डॉ रजनीश मिश्रा एक प्रसिद्ध ज्योतिषी हैं, जिन्होंने 10 वर्षों से अधिक समय तक ज्योतिष का अध्ययन और अभ्यास किया है। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है और देश-विदेश में कई बड़े पदों पर कार्य किया है।

न्यूज़ राइटर अंकित कुमार गोयल का ज्योतिष आचार्य डॉ रजनीश मिश्रा के साथ एक्सक्लुसिव इंटरव्यू…

डॉ मिश्रा जी, आपके ज्योतिष में आने की कहानी क्या है और परिवार का कितना सहयोग मिला?

सबसे पहले अंकित जी मै आपका धन्यवाद करना चाहता हु कि आपके संस्थान ने हमें यह अवसर प्रदान किया कि हमारे इंटरव्यू के माध्यम से लोगों तक ज्योतिष पर सत्य विचार विमर्श पहुंचे। बचपन से ही ज्योतिष में रुचि रही। हमारे दादा जी के द्वारा छोटी उम्र से कर्मकांड और ज्योतिष सीखने को मिला बाद में कई अच्छे गुरु मिले जिनसे ज्ञान मिला ,13 वर्ष इंजीनियरिंग जॉब में रहा लेकिन वहां भी कुंडली विश्लेषण करता था।बाद में विदेश के लौटने के उपरांत Phd ज्योतिष में की और फुल टाइम कार्यालय नवी मुंबई में खोला। शुरू में विरोध रहा परिवार का ,बाद में जब भविष्य वाणी सत्य होने लगी तो परिवार भी साथ देने लगा।

 

आप कैसे मानते हैं कि ज्योतिष हमारे जीवन को प्रभावित करता है?

ज्योतिषीय गणना ,हमें यह बताती है कि हम किस क्षेत्र के लिए बने है हमारा मन क्या ज्यादा सोचता है कैसी जगह हमें कौन सा कार्य और कब करना चाहिए यह हमारा लाभ का समय है या हानि का इसका मार्गदर्शन देती है जिससे जीवन में सफलता के मार्ग खुलते है।

आप कैसे तय करते हैं कि किसी व्यक्ति की कुंडली क्या कहती है?

लग्न कुंडली,चंद्र कुंडली,नवमांश कुंडली ,भाव चलित में बनने वाले लाखों ग्रहों के योग , नक्षत्र राशि में उच्च, नीच ,शत्रु ,सम, के माध्यम से एवं महादशा ,अंतर्दशा की गणना हमें घटना और भूत भविष्य वर्तमान का संकेत देती है।

आपके ज्योतिष संस्थान में कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं?

कुंडली का विश्लेषण ,शोध कार्य ज्योतिष शिक्षा, समस्याओं के निवारण के लिए गृह शांति अनुष्ठान, रत्न का परामर्श एवं रत्न उपलब्ध कराना । विवाह ,संतान प्राप्ति ,एवं असाध्य रोगियों के लिए वैदिक मंत्र उपचार में पारंगत है।

आप कैसे मानते हैं कि ज्योतिष हमें भविष्य के लिए तैयार कर सकता है?

जैसे कोई व्यक्ति हमारे पास आता है और कहता है कि मैं विदेश यात्रा के लिए प्रयास कर रहा हूं और उसके लगन से द्वादश भाव में राहु बैठा है तो मेरा फलादेश होगा कि हां अवश्य तुम विदेश जाओगे। और एक दूसरा व्यक्ति आता है और उसके भी द्वादश भाव में राहु है और वह बहुत समय से किसी रोग इलाज के लिए अस्पताल में है और राहु की दशा का अंत होने वाला है तो मैं बोलूंगा कि तुम्हारे रोग का अंत होने वाला है अब तुम ठीक होने वाले हो।

तो इसका अर्थ यह है कि एक ही तरह का योग दो फलादेश| इसका अर्थ यह है कि ज्योतिष देश काल वातावरण पर निर्भर करता है यह ज्योतिष आचार्य की बुद्धिमानी पर डिपेंड करेगा की फलादेश कैसे कर पा रहा है। अगर हम यह पता कर सके कि यह समय सफलता का है या असफलता का तो जो कार्य हम करने जा रहे है उसमें निर्णय ले पाते है कि कब करना है और कब नहीं करना है।

आपके अनुसार, ज्योतिष और विज्ञान में क्या संबंध है?

ज्योतिष भी गणित पर आधारित है और विज्ञान भी गणित पर ही आधारित है। यहां तक कि ज्योतिष से ही गणित पैदा हुआ है ज्योतिष के योग एक पैटर्न दिखाते हैं जो इस पैटर्न को पढ़ना जान जाता है वह फलादेश कर पता है क्योंकि पैटर्न रिपीट होते रहते हैं जैसे किसी के सप्तम भाव में शनि नीच का है तो विवाह संबंधित समस्या आएगी अब समस्याएं दो-तीन तरीके की हो सकती हैं पहली शादी ना हो पा रही हो, दूसरी शादी हो गई है लड़ाई चल रही हो, तीसरी शादी होने के बाद पति का देहांत हो गया हो, चौथी दोनों का डाइवोर्स हो जाए।

आप कैसे मानते हैं कि ज्योतिष हमें जीवन के चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकता है?

समय काल की गणना करने से अच्छे या बुरे समय का आकलन हो जाता है अगर यदि हम किसी मुसीबत में चल रहे हैं और हमें पता चल जाए कि हम मुसीबत यहां तक रहेगी तो सांत्वना मिल जाती है हम उस समय का इंतजार करते है एक उम्मीद आ जाती है।

आपके ज्योतिष संस्थान में कौन से ज्योतिषी हैं?

एक मै स्वयं ज्योतिष आचार्य और बाकी पांडित्य कर्मकांड के लिए 11 पूर्ण पारंगत ब्राह्मण लोग है।

आप कैसे मानते हैं कि ज्योतिष हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है?

अपने महत्वपूर्ण ग्रहों को जान करके और उनके अनुरूप कार्य करके उनकी मदद ली जा सकती है भाग्येश ,लग्नेश,पंचमेश की यदि सही से मदद ली जाए तो दोषों का निवारण प्रॉपर वैदिक विधि से हो तो लाभ निश्चित होता है।

ज्योतिष से भविष्य को देखा जा सकता है, भविष्य बदला नहीं जा सकता, फ़िर ज्योतिष की क्या आवश्यकता है?

भविष्य बदल नहीं जा सकता लेकिन भविष्य की संभावनाएं प्रबल की जा सकती जैसे आपको पता हो की चोट लगने वाली है चोट तो लगेगी बस तीव्रता कम की जा सकती है। ऐसे अगर आपको पता चल जाए कि मेरा अच्छा समय है मुझे धन लाभ होगा और बेहतरीन धन लाभ कैसे हो इसके उपाय किए जा सकते हैं

डॉ मिश्रा, आप अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने के लिए क्या संदेश देना चाहते हैं?

ज्योतिष एक गूढ़ विद्या है ।लेकिन ज्योतिष के क्षेत्र में बहुत कम बुद्धिमान लोग आते है इसको बढ़ाने के लिए बुद्धिमान लोगों को इस क्षेत्र में आने की आवश्यकता है। ज्योतिष की सटीकता ज्यादा हो और फलादेश सटीक को इसके लिए नौजवानों को आगे आना चाहिए और इसको विषय के रूप में बनाना चाहिए और भारत सरकार एवं प्रदेश सरकारों से आग्रह है ज्योतिष के विषय की उपलब्धता हर विश्वविद्यालय में की जाए।धन्यवाद

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH