Uttar Pradesh

ला मार्टिनियर कॉलेज में क्लास ऑफ 1975 का गोल्डन जुबिली रीयूनियन, 50 वर्षों की यादों का भव्य उत्सव

लखनऊ। ला मार्टिनियर कॉलेज, लखनऊ में 6 और 7 दिसंबर 2025 को क्लास ऑफ 1975 ने अपने कॉलेज जीवन के 50 स्वर्णिम वर्षों के पूर्ण होने पर एक अत्यंत गरिमामय और भावनात्मक गोल्डन जुबिली रीयूनियन का आयोजन किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से तथा अमेरिका के अटलांटा शहर से आए 25 बैचमेट्स, अपनी धर्मपत्नियों के साथ, इस यादगार मिलन का हिस्सा बने। उड़ानों में व्यापक व्यवधान के कारण कई साथी इसमें सम्मिलित नहीं हो सके, जिनकी अनुपस्थिति सभी को खलती रही।

दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के संस्थापक मेजर जनरल क्लॉड मार्टिन की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। इस गरिमामय अवसर का नेतृत्व कॉलेज के प्रिंसिपल ने किया। पाइपर्स और बुगलर्स बैंड की धुनों ने इस क्षण को परंपरा, सम्मान और भावनात्मक गहराई से भर दिया।

इसके बाद आयोजित विशेष चैपल प्रार्थना सभा में सभी बैचमेट्स ने एकत्र होकर अपने उन 14 साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो अब हमारे बीच नहीं रहे। यह सेवा अत्यंत शांत, श्रद्धापूर्ण और मन को छू लेने वाली रही, जिसने पूरे रीयूनियन को कृतज्ञता, अपनत्व और भाईचारे की भावना से जोड़ दिया।

दोनों दिनों के दौरान आयोजित दो भव्य ब्रंच और दो सुरुचिपूर्ण डिनर में लखनऊ की प्रसिद्ध और समृद्ध पाक परंपरा का स्वाद सभी ने लिया। स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ-साथ पुराने किस्सों, यादों और हंसी–ठिठोली ने माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण ला मार्टिनियर कॉलेज एवं कॉन्स्टैंशिया का हेरिटेज टूर रहा, जिसका मार्गदर्शन कॉलेज के बर्सर श्री एड्रियन माइकल ने किया। उनके ऐतिहासिक विवरण और रोचक प्रसंगों ने कॉलेज की विरासत को मानो जीवंत कर दिया।

 

इस स्वर्णिम अवसर को स्थायी स्मृति देने के लिए क्लास ऑफ 1975 ने कॉलेज की वार्षिक बास्केटबॉल चैंपियनशिप हेतु एक विशेष ट्रॉफी की स्थापना की, जो कॉलेज के प्रति उनके स्नेह, जुड़ाव और खेल भावना का प्रतीक है। इसके साथ ही, सभी बैचमेट्स को व्यक्तिगत स्मृति-चिह्न भी भेंट किए गए, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक आत्मीय बना दिया।

इस यादगार रीयूनियन की सफलता के पीछे कॉलेज के प्रिंसिपल एवं उनकी समर्पित टीम का अहम योगदान रहा, जिनके सहयोग, मार्गदर्शन और उत्कृष्ट व्यवस्था के कारण हर कार्यक्रम सहजता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH