हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चुनावी नतीजों को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि परिणामों ने कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी को उजागर कर दिया है।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायकों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ वोटिंग की, जिससे उनकी रणनीति पूरी तरह विफल हो गई। उन्होंने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल बेहद मामूली अंतर से हार गए और चुनाव में कांग्रेस के वोटों का ट्रांसफर साफ नजर आया। उनके मुताबिक, करीब 25 प्रतिशत वोट इधर-उधर चले गए, जो पार्टी के भीतर भरोसे की कमी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के विधायक पूरी तरह संगठित रहे और यही जीत का आधार बना। उन्होंने बताया कि भाजपा ने अपने प्रत्याशी संजय भाटिया को जीत दिलाकर राज्यसभा भेजा है।
सीएम सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दलीय उम्मीदवार ने भाजपा से समर्थन मांगा था, जिस पर पार्टी ने उसे समर्थन दिया। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे चाहते तो अपना उम्मीदवार उतार सकते थे।
वहीं, डॉ. रघुबीर कादियान के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि न तो वोट चोरी होती है और न ही ईवीएम में कोई गड़बड़ी होती है। लोकतंत्र की यही खासियत है कि यह हर किसी की अंतरात्मा को जगाने का काम करता है।




