ऊना: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी और केंद्र द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) समाप्त किए जाने के मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है। इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला और राज्य सरकार के कदमों की वजह स्पष्ट की।
पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने पर CM सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं और आपदा प्रबंधन अधिनियम के कारण चुनावों से जुड़े दो कानूनों की व्याख्या पर उच्चतम न्यायालय का मार्ग अपनाया गया।
सुक्खू ने RDG हटाने के फैसले पर भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक होगा। यदि प्रदेश भाजपा इस फैसले का समर्थन करती है, तो उसे जनता के सामने अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल के साथ यह कदम केंद्र द्वारा किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने चेताया कि RDG के बंद होने से विकास कार्य प्रभावित होंगे और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने श्री राधा कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने संतों के मार्गदर्शन और समाज में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों से ही एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।




