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RDG बंद होने से हिमाचल पर गहराया आर्थिक संकट, सुक्खू सरकार कोर्ट जाने की तैयारी में

केंद्र सरकार द्वारा राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश में गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। इस फैसले को लेकर न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। RDG बंद होने के प्रभावों को लेकर वित्त विभाग ने शिमला में एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें मंत्री, विधायक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हिमाचल प्रदेश के वित्त सचिव दिवेश कुमार ने बताया कि राज्य की सालाना आय करीब 18 हजार करोड़ रुपये है, जबकि खर्च लगभग 48 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। राज्य को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की अनुमति है, लेकिन ब्याज समेत सालाना लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की अदायगी करनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।

वित्त विभाग के अनुसार, अगले वित्तीय वर्ष के लिए करीब 2 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारियां खड़ी हो चुकी हैं। अगर सरकार बिजली, पानी, बस किराया, खाद्य सब्सिडी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते, एरियर और नई भर्तियों जैसी सुविधाओं में कटौती करती है, तब भी अगले वित्तीय वर्ष में अनुमानित आय 52 हजार करोड़ रुपये होगी, जबकि खर्च करीब 57 हजार करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि RDG के मुद्दे पर राज्य सरकार कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी RDG बहाल करने की मांग की जाएगी और इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को भी साथ चलने का न्योता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि RDG की मांग करना हिमाचल प्रदेश का अधिकार है और यह अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने राज्यपाल को RDG के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे खारिज कर दिया गया।

RDG बंद होने का असर हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी होगा। इससे राज्य की विकास योजनाएं, कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और विभिन्न सब्सिडी योजनाएं सीधे प्रभावित होंगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक और उसके बाद वित्त विभाग की प्रस्तुति में इन प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

वित्त विभाग ने बताया कि सालाना खर्चों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को करीब 48 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होती है। हालांकि सरकार अपने संसाधनों से लगभग 42 हजार करोड़ रुपये जुटा लेती है, फिर भी करीब 6 हजार करोड़ रुपये का घाटा बना रहता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि RDG बंद होना राज्य के विकास को सीधे प्रभावित करेगा, लेकिन उन्होंने प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार विकास कार्यों को रुकने नहीं देगी और हर संभव प्रयास करेगी।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH