हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 1 मार्च, 2026 से छात्रों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय किया है। इस फैसले की घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी छात्र के पास मोबाइल फोन पाया गया तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा और डिवाइस जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा, पेरेंट्स को स्कूल में आयोजित जरूरी काउंसलिंग सेशन में शामिल होना अनिवार्य होगा। सीएम सुक्खू ने बताया कि शिक्षा विभाग को इस नियम के उल्लंघन को रोकने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल स्कूल के समय और लंच ब्रेक में छात्रों का ध्यान पढ़ाई और आपसी विकास से भटकाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेशनल स्कूल गेम्स अंडर-19 गर्ल्स हैंडबॉल टूर्नामेंट में हिमाचल टीम की जीत के जश्न में 20 लाख रुपये का कैश प्राइज देने की भी घोषणा की। साथ ही मोरसिंगी में एक नया गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना का भी ऐलान किया। देश के कई अन्य राज्यों जैसे बिहार, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी स्कूलों में मोबाइल फोन पर पाबंदी है। बिहार में कक्षा 1 से 12 तक छात्रों के लिए मोबाइल इस्तेमाल पर रोक है, हालांकि वहां जुर्माने का प्रावधान नहीं है। गुजरात और महाराष्ट्र ने भी इस दिशा में नियम बनाए हैं, लेकिन वहां भी जुर्माना नहीं लगाया जाता।




