नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसकी ऊर्जा सुविधाओं या पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो वह दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को अनिश्चित समय के लिए पूरी तरह बंद कर देगा। ईरानी सशस्त्र बलों ने साफ कहा है कि यह मार्ग तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक हमले में हुए नुकसान की भरपाई और ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता। साथ ही, इजराइल के ऊर्जा और संचार ढांचे को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर हमला होता है, तो पूरे क्षेत्र में मौजूद महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे, तेल संयंत्र और अमेरिकी ठिकानों वाले देशों की सुविधाएं भी निशाने पर होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा और कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। कलीबाफ ने अमेरिकी वित्तीय संस्थानों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जो संस्थाएं अमेरिकी सैन्य बजट को फंड करती हैं, वे भी ईरान के निशाने पर आ सकती हैं।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस अल्टीमेटम के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित तरीके से खोलने को कहा था, वरना पावर प्लांट्स पर हमले की चेतावनी दी थी। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसकी सेनाएं होर्मुज के पास ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित रखा जा सके। वहीं इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को वैश्विक खतरा बताते हुए कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर उसके खिलाफ सख्त कदम उठाते रहेंगे।




