जम्मू। जम्मू के चंडी मां के मचेल मंदिर में कल बर्फबारी हुई, जिसके चलते पूरा मचेल गांव बर्फ की सफेद चादर ओढ़े हुए है। बर्फबारी के इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए सैलानी उमड़ पड़े हैं। बता दें कि यहां श्रद्धालुओं को मां चंडी के साक्षात दर्शन होते हैं।
मकर संक्रांति पर बंद किए गए कपाट
इससे पूर्व 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर मां मचेल के कपाट तीन माह के लिए बंद हो गए। माता चंडी कालिका स्वरूप की चांदी की मूर्ति को विधिविधान के साथ मचेल गांव में स्थित काली माता के मंदिर में प्रतिष्ठापित कर दिया गया। माता का दरबार बैसाखी तक बंद रहेगा।
परंपरानुसार हर साल मकर संक्रांति के दिन माता का मुख्य दरबार बंद कर दिया जाता है। इस दिन माता की भव्य आरती व एक समारोह होता है, जिसके बाद मुख्य मंदिर के पुजारी द्वारा मूर्ति को माता काली के मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाता है।
यह मंदिर मुख्य मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। प्राचीन काल से ही ऐसा होता आ रहै है। मकर संक्रांति के दिन माता की मूर्ति को छोटे मंदिर में लाया जाता है, जहां लगातार पूजा-अर्चना होती है। मूर्ति को मुख्य पुजारी ने मंदिर से उठा कर गांव के मंदिर में प्रतिष्ठापित किया।
मूर्ति को गोद में उठाने से पहले दरबार में भोग लगाया गया और दरबार से बाहर लाते ही कपाट तीन माह के लिए बंद कर दिए गए। रीति रिवाज के साथ इस समारोह को मनाया जाता है। तीन माह के बाद बैसाखी के दिन मंदिर के कपाट फिर खोले जाएंगे और मूर्ति को मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाएगा।




