नई दिल्ली। बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी की सांसदी जाने को लेकर सिंधिया ने कहा है कि ये पहली बार नहीं है कि किसी सांसद की सदस्या रद्द की गई हो, तो इस बार इतना हंगामा क्यों बरपा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने न्यायापालिका पर दवाब और धमकी से कार्य किया है। व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई को लोकतंत्र की लड़ाई के रूप में फैलाया है, वो ठीक नहीं है। यह एक स्वार्थ की लड़ाई लड़ी जा रही है. यह पहली बार नहीं है कि कोई व्यक्ति या सांसद की सदस्यता से बर्खास्त की गई है. पिछले 10 सालों में इस लिस्ट में कई लोग शामिल हैं तो क्या कारण है कि इस बार इतना हंगामा किया जा रहा है, हमारे संसद या लोकतंत्र को चलने नहीं दिया जा रहा है. लोग काले कपड़े पहनकर आ रहे हैं।
सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर देश के खिलाफ काम करने और देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद को नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि माफी मांगने से कोई शख्स छोटा नहीं हो जाता है लेकिन यहां माफी मांगने के बजाय व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई को लोकतंत्र की कानूनी लड़ाई में बदला जा रहा है। राहुल गांधी द्वारा जमानत के लिए मुख्यमंत्रियों और नेताओं की फौज के साथ जाने की आलोचना करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह राहुल गांधी और कांग्रेस के न्यायालय पर दबाव डालने और धमकी देने की विचारधारा को बताता है। उन्होंने कहा कि देश कांग्रेस की इस विचारधारा को पहचान गया है और देश की जनता ने एक बार नहीं कई बार इसका जवाब दिया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में कांग्रेस के उप नेता के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को विशेष सत्कार दे रही है, कांग्रेस पार्टी के लिए कुछ लोग ‘फर्स्ट क्लास सिटिजन’ हैं और हम और आप ‘थर्ड क्लास सिटिजन’ हैं। सिंधिया ने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी संसद की सदस्यता गई हो, पिछले 10 वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ऐसा कई व्यक्तियों के साथ हो चुका है। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाते हुए कहा कि 2013 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय जब तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल इसे लेकर अध्यादेश लाए थे, उस समय राहुल गांधी ने स्वयं यह कहा था कि इस अध्यादेश को फाड़कर कचरे की टोकरी में फेंक देना चाहिए, तो आज यह हिप्पोक्रेसी क्यों दिखाई जा रही है। कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए।




