संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए तेहरान स्थित अपना दूतावास तुरंत प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। साथ ही UAE ने ईरान से अपने राजदूत और सभी राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह निर्णय ईरान की ओर से कथित मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद लिया गया है।
UAE के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ईरान द्वारा आवासीय इलाकों, एयरपोर्ट, बंदरगाहों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। मंत्रालय के अनुसार इन हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल दिया है और निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी है।
बयान में कहा गया कि ये शत्रुतापूर्ण हमले गैरजिम्मेदाराना हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून व राजनीतिक मानकों के खिलाफ हैं। UAE ने स्पष्ट किया कि वह अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा। दूतावास बंद करने का फैसला लगातार आक्रामक और उकसावेपूर्ण घटनाओं को देखते हुए लिया गया है, जो तनाव कम करने के प्रयासों को कमजोर कर रही थीं।
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं।
गौरतलब है कि दोनों देशों के संबंधों में सुधार के बाद UAE ने वर्ष 2022 में तेहरान में अपना दूतावास दोबारा पूरी तरह से खोला था और नया राजदूत नियुक्त किया था। बाद में सऊदी अरब ने भी ईरान के साथ कूटनीतिक रिश्ते बहाल किए थे। हालांकि मौजूदा घटनाक्रम के बाद UAE ने एक बार फिर सख्त रुख अपना लिया है।
इस बीच, UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दुबई के क्राउन प्रिंस और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने क्षेत्रीय हालात को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत की और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच UAE का यह कदम कूटनीतिक स्तर पर बड़ा संदेश माना जा रहा है।




