मुंबई में एक अनोखी पहल ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। जुहू बीच पर एक आदमी ने बोर्ड लगा कर यह घोषणा की कि वह लोगों के दुख सुन सकता है। उसने बोर्ड पर अलग-अलग सेवाओं और उनके शुल्क भी लिखे थे—मामूली दुख के लिए 250 रुपये, बड़े दुख के लिए 500 रुपये और साथ में रोने के लिए 1000 रुपये। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लोग उनसे मिलकर अपने दिल का बोझ हल्का कर रहे हैं। कुछ लोग व्यक्तिगत रूप से आते हैं तो कुछ कॉल पर उनसे बात करके दिल हल्का करते हैं।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने रिएक्शन देना शुरू कर दिए। किसी ने उनकी तारीफ की कि यह नेक काम है, तो किसी ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘मेरी जिंदगी में सबसे बड़ा दुख है कि पैसे नहीं हैं, 250 रुपये कहां से लाऊं।’ कुछ ने इसे ‘थेरेपिस्ट ऑन रोड’ कहते हुए इसे सेवा का काम बताया।
विदेशों में यह व्यवसाय पहले से काफी लोकप्रिय है। कई कंपनियां प्रोफेशनल लिसनर्स को क्लाइंट के घर भेजती हैं ताकि वे उनकी बातें सुनकर उन्हें बेहतर महसूस करा सकें। कुछ कंपनियां यहां कडल या डेटिंग जैसी सेवाएं भी देती हैं। मुंबई में इस पहल ने यह दिखाया कि कभी-कभी सबसे जरूरी सेवा सिर्फ किसी का दुख सुनना भी हो सकता है, और इसे लोग खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं।




